Salaar Box Office Collection Day 13: प्रभास स्टारर सालार का बॉक्स ऑफिस पर तूफानी कलेक्शन जारी है. इस एक्शन पैक्ड फिल्म को देश ही नहीं पूरी दुनिया में दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. सालार एक के बाद एक कमाई के नए रिकॉर्ड्स बना रही है. रिलीज के 12वें दिन इस फिल्म ने बाहुबली-1 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए प्रभास के करियर की ग्लोबली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. वर्ल्डवाइड कमाई की बात करें तो सालार ने महज 12 दिन में 600 करोड़ का आंकड़ा पार कर दिया, जिसके बाद फिल्म के 13वें दिन के कलेक्शन पर सभी की निगाहें टिकी हुई है. रिलीज के 13वें दिन भी फिल्म ने अपना तूफानी कलेक्शन जारी रखते हुए अच्छी कमाई की है.
सालार का 13वें दिन का कलेक्शन (Salaar Box Office Collection Day 13)
रिलीज के 13वें दिन सालार ने भारत में लगभग 12.60 करोड़ की कमाई की है. इसी के साथ भारत में फिल्म की कुल कमाई लगभग 376 करोड़ पहुंच चुकी है. वहीं दुनियाभर में फिल्म कमाई के मामले में 700 करोड़ के आंकड़े से थोड़ी ही दूर है. फिल्म का कलेक्शन अगर इसी तरह जारी रहा तो बहुत जल्द सालार 700 करोड़ का आंकड़ा भी छू लेगी, जिसके बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का रिकॉर्ड इसके नाम होगा. कमाई के मामले में फिल्म ने एक हाई बेंचमार्क सेट कर दिया है. इस फिल्म के कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ना या बराबरी करना किसी भी फिल्म के लिए मुश्किल होने वाला है.
एडवांस बुकिंग से बना रही है रिकॉर्ड
प्रभास की फिल्म सालार रिलीज के पहले से ही रिकॉर्ड्स बना रही है. एडवांस बुकिंग की बात करें तो सालार ने शाहरुख की डंकी को काफी पीछे छोड़ते हुए रिलीज से पहले ही लगभग 49 करोड़ की कमाई टिकट से कर ली थी. यही नहीं यह आंकड़ा डंकी के ओपनिंग कलेक्शन से भी ज्यादा है. इसके अलावा साल 2023 में यूएस में सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है. प्रभास ने इस फिल्म में पहली बार श्रुति हासन के साथ स्क्रीन शेयर की है.
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दिल्ली आबकारी नीति मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Chief Minister Arvind Kejriwal) ने बुधवार को तीसरी बार नजर अंदाज कर दिया. इस बीच आम आदमी पार्टी के नेताओं ने ट्वीट किया है कि सीएम केजरीवाल के आवास पर गुरुवार की सुबह ईडी की टीम पहुंच सकती है और उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि ईडी के सूत्रों ने AAP नेताओं के दावे को गलत बताया है. अरविंद केजरीवाल की सरकार में मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दावा किया है कि खबर आ रही है कि ईडी छापेमारी करने जा रही है. गिरफ्तारी की भी संभावना है.
News coming in that ED is going to raid @ArvindKejriwal's residence tmrw morning. Arrest likely.
एक अन्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि सुनने में आ रहा है कल सुबह मुख्यमंत्री केजरीवाल जी के घर ED पहुंच कर उन्हें गिरफ़्तार करने वाली है. AAP नेता जैस्मिन शाह ने भी गिरफ्तारी और छापेमारी की आशंका जतायी है.
सुनने में आ रहा है कल सुबह मुख्यमंत्री केजरीवाल जी के घर ED पहुँच कर उन्हें गिरफ़्तार करने वाली है ।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को जांच एजेंसी को लिखा कि वह राज्यसभा चुनाव और गणतंत्र दिवस की तैयारियों में व्यस्त हैं, लेकिन एजेंसी की किसी भी प्रश्नावली का जवाब देने के लिए तैयार हैं.‘आप' प्रमुख ने एजेंसी से अपने पहले के पत्रों का जवाब देने के लिए कहा जिसमें उन्होंने कथित पूछताछ/जांच के लिए बुलाए जाने से जुड़े वास्तविक इरादे और इस पूछताछ की प्रकृति और दायरे को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था.
केजरीवाल ने इससे पहले दो नवंबर और 21 दिसंबर के दो समन पर संघीय एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था और नोटिस को ‘अवैध' और ‘राजनीति से प्रेरित' बताया था.
बीजेपी ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘डर से कांप' रहे हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश नहीं हो रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि वह कथित शराब नीति घोटाले के ‘सरगना' हैं. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कट्टर बेईमान अरविंद केजरीवाल डर से कांप रहे हैं और ईडी के समन को नजरअंदाज करने के लिए एक के बाद एक बहाने बना रहे हैं.''
नई दिल्ली: पीएम मोदी ने शनिवार को अयोध्या दौरे के दौरान उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी मीरा मांझी के घर जाकर चाय पी थी. पीएम मोदी ने अब मीरा मांझी को खत लिखा है और साथ में कुछ उपहार भी भिजवाएं हैं. इनमें चाय-सेट, रंगों के साथ ड्राइंग बुक और बहुत सारे तोहफे शामिल हैं. बता दें, शनिवार को अयोध्या के कंधरपुर में पीएम मोदी ने रोड शो किया था. इसी दौरान पीएम ने मीरा के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और उनके यहां पर चाय भी पी. पीएम मोदी ने मीरा मांझी की तारीफ करते हुए कहा था, "चाय तो बहुत मीठी है...अच्छी चाय बनाई है."
पीएम मोदी ने मीरा को पत्र लिखते हुए कहा, "आपको और आपके परिवार को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं. प्रभु श्री राम की पावन नगरी में आपके परिवार के साथ चाय पीकर और बातचीत कर बेहद प्रसन्नता हुई. अयोध्या से आने के बाद मैंने कई सारे TV चैनलों पर आपका इंटरव्यू देखा. आपने और आपके परिवार ने जिस आत्मविश्वास और सरल लहजे से अपने अनुभवों को साझा किया... देखकर मुझे अच्छा लगा."
PM मोदी ने उज्ज्वला योजना की लाभार्थी मीरा मांझी को लिखा खत
साथ ही उन्होंने लिखा है कि आप जैसे करोड़ों परिवारजनों की यह मुस्कान ही मेरी पूंजी और सबसे बड़ा संतोष है, जो मुझे देश के लिए जी जान से काम करने की ऊर्जा देता है. पीएम मोदी ने मांझी के बच्चों समेत पूरे परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की है.
मीरा मांझी के घर जाकर चाय पीने का जिक्र पीएम मोदी ने अयोध्या में अपनी रैली में भी किया था. पीएम मोदी का यह कार्यक्रम पहले से तय नहीं था. ऐसे में प्रधानमंत्री के मीरा के घर अचानक पहुंचने पर पूरी बस्ती के लोग हैरान रह गए. उनके पहुंचने पर पूरा क्षेत्र मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा.
Dunki Box Office Collection Day 13: नया साल डंकी के लिए और नई खुशियां लेकर आया है. साल 2023 पूरी तरह से शाहरुख खान के नाम रहा. जिनकी जवान और पठान ने नए रिकॉर्ड बना दिए और अब जिस रफ्तार से डंकी की कमाई जारी है, उसे देखते हुए लगता है कि साल 2024 का आगाज भी शाहरुख खान के लिए बहुत जबरदस्त रहा है. डंकी की कमाई का सिलसिला जनवरी के शुरुआती दिनों में भी पूरे शबाब पर है. जिसे देखते हुए माना जा रहा है कि साल का पहला हफ्ता गुजरते गुजरते ये फिल्म 400 करोड़ के क्लब में आसानी से जगह बना लेगी. फिलहाल आपको बताते हैं कि फिल्म रिलीज होने के 13वें दिन कैसा रहा फिल्म डंकी का कलेक्शन.
डंकी का 13वें दिन का कलेक्शन (Dunki Box Office Collection Day 13)
फिल्म रिलीज करने के बाद अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और अच्छा खासा कारोबार कर रही है. फिल्म इंडस्ट्री ट्रेकर Sacnilk के ताजा आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने तेरहवें दिन 7 से 9 करोड़ रु. की कमाई की है. जिसके बाद सिर्फ देसी बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म भारत में 225.25 करोड़ रु. का बिजनेस कर चुकी है. इसके अलावा बाकी जगह से फिल्म ने 196.97 करोड़ रु. की कमाई कर ली है. इस लिहाज से डंकी मूवी का कलेक्शन 370.25 करोड़ रु तक पहुंच चुका है.
चार सौ करोड़ क्लब में पहुंचने की उम्मीद (Dunki Worldwide Collection)
डंकी मूवी की कमाई की रफ्तार को देखते हुए ये उम्मीद जताई जा रही है कि फिल्म बहुत जल्द चार सौ करोड़ क्लब का हिस्सा बन जाएगी. इससे पहले साल 2023 में रिलीज हुई शाहरुख खान की एक्शन पैक्ड मूवीज पठान और जवान हजार करोड़ रु. के आसपास का कारोबार कर चुकी थीं. जबकि डंकी एक ऐसी फिल्म है जिसमें रोमांस, इमोशन्स, एक्शन और थोड़ी सी कॉमेडी भी है. जिसमें शाहरुख खान की एक्टिंग का हर फ्लेवर नजर आता है. साथ ही शाहरुख खान और तापसी पन्नू की जोड़ी भी फैन्स पसंद कर रहे हैं.
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पूरे उत्तर भारत में शीत लहर देखने को मिल रहा है. दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) में भी लोग ठंड से परेशान हैं. घने कोहरे और शीत लहर के चलते गौतम बुद्ध नगर में संचालित समस्त बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों की नर्सरी से लेकर 8 तक की कक्षाएं 3 जनवरी से 6 जनवरी तक बंद रहेगी. बीच में रविवार पड़ने के कारण यह कक्षाएं 8 तारीख से पुन: शुरू की जाएगी. डीएम मनीष कुमार ने बताया कि कक्षा 9 से लेकर 12 तक की कक्षाएं इस दौरान चलती रहेगी.
वाराणसी में भी स्कूल बंद
पिछले हफ्ते की शुरुआत में, वाराणसी जिला प्रशासन ने भी शीत लहर की स्थिति के कारण कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए स्कूलों को 6 जनवरी तक बंद करने की घोषणा की थी. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा, '5-11 जनवरी के दौरान, हम रात के तापमान में गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे मध्य भारत के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति पैदा हो सकती है. महापात्रा ने कहा कि दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में ठंडे दिन की स्थिति बनेगी.
पूरे उत्तर भारत में ठंड का कहर
गौरतलब है कि उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मंगलवार को भी कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा और घने कोहरे की वजह से ट्रेनों के परिचालन तथा वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही. वहीं, कश्मीर घाटी में शीत लहर के प्रकोप के साथ न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना हुआ है और श्रीनगर की डल झील समेत जलाशयों में पानी जम गया है. राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को मंगलवार की सुबह तेज सर्द हवाओं का सामना करना पड़ा, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा.
मुंबई: देश के युवा तेजी से ड्रग्स के मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं. नशा करने से पहले शख्स खुद बर्बाद होता है, फिर परिवार , समाज और अंत में देश. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे देश की बड़ी समस्या बता चुके हैं और गृहमंत्री अमित शाह ने तो नशा मुक्त समाज के लिए सभी राज्यों को ड्रग्स के खिलाफ मुहिम चलाने का आदेश दिया है. बड़े पैमाने पर कार्रवाई और धरपकड़ भी शुरू हुई है, लेकिन इसके बावजूद ना तो ड्रग्स की डिमांड कम हो रही है और ना ही सप्लाई. ड्रग्स का बदलता ट्रेंड तो और भी खतरनाक है, जो अमीर-गरीब, छोटे-बड़े सभी को अपने आगोश में ले रहा है.
नए साल के ठीक एक दिन पहले 30 दिसंबर की रात ठाणे क्राइम ब्रांच ने कासरवडवली के मैंग्रोव की झाड़ियों में रेव पार्टी पर छापा मारा, तो वहां 90 युवक और 5 युवतियां नशे में डूबे मिले. पुलिस को मौके से चरस, एलएसडी, एस्कटसी पिल्स और गांजा जैसे ड्रग्स भी मिले. युवकों में ज्यादातर कॉलेज छात्र और कॉरपोरेट में काम करने वाले युवा थे.
मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस द्वारा साल 2019 के सर्वे के मुताबिक देश में करीब दस करोड़ लोग नशे के आदी हैं. एक अन्य सर्वे में तो पंजाब का हर सातवां शख़्स नशे में डूबा है, इसलिए नशे का दूसरा नाम ‘उड़ता पंजाब' कहलाया, लेकिन अब जब महाराष्ट्र में ड्रग्स की फ़ैक्ट्रियां पकड़ी जाने लगी हैं तो सबसे अमीर राज्य पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या महाराष्ट्र भी ड्रग्स का हब बन चुका है?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि ड्रग्स की समस्या मूल रूप से पूरे देश में है और ये धीरे-धीरे बढ़ रही है. इसके मद्देनजर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के गृह मंत्रियों की और DG 's की एक कांफ्रेंस ली थी और उस कांफ्रेंस में तय हुआ कि हम लोग जीरो टॉलरेंस पॉलिसी से ड्रग्स के ऊपर क्रैक डाउन करेंगे और उसके चलते महाराष्ट्र में हमने बहुत जोरों से कार्रवाई शुरू की है.
महाराष्ट्र में 53 हजार करोड़ की ड्रग्स की गई जब्त
देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक मुंबई में विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के आसपास दो हजार ऐसे पान टपरियां या छोटे दुकान जहां ये संदेह था कि वहां से ड्रग्स की सप्लाई होती है, लोग वहां से ड्रग्स खरीदते हैं उसे तोड़ दिया गया है. इतना ही नहीं पिछले 6 से 8 महीने में करीब 23 हजार केस किए गए और 13000 हजार लोगों को पकड़ा भी गया है. साथ ही 53 हजार करोड़ की ड्रग्स जब्त कर नष्ट की गई है.
इसमें कोई शक नहीं कि हाल फिलहाल में महाराष्ट्र और मुंबई में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है और ड्रग्स बनाने वाली कई फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं. मुंबई पुलिस की साकीनाका पुलिस ने तो नासिक में जाकर नशा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जहां 300 करोड़ का ड्रग्स ज़ब्त किया गया.
मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी के मुताबिक साकीनाका केस की शुरुआत तो दस ग्राम की एमडी ड्रग्स की बरामदगी से शुरू हुई थी. उस केस में अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. उसका एक मुख्य आरोपी दूसरे एक केस में पुणे की कस्टडी से भागा था, उसे भी साकीनाका पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई मुंबई की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पुणे के जंगल में की, जिसमें दो ऐसी ही फ़ैक्ट्रियों से 50 करोड़ का ड्रग्स बरामद किया गया. एनसीबी मुंबई के जोनल डायरेक्टर के अमित घावटे के मुताबिक एक फैक्ट्री पुणे के अम्बे गांव तहसील में थी और दूसरी शिरूर तहसील में जहां पर लोकली अल्प्राजोलम बनाया जा रहा था और महाराष्ट्र आंध्र में बेचा जा रहा था. दोनों ही सेल्फ सफिसिएंट थी, मतलब उनमें बिजली के लिए जेनसेट लगे थे और एमडी बनाते समय जो दुर्गंध आती है, उसके लिए सोकपिट बनाए गए थे. फैक्ट्री पोल्ट्री के बगल में थी, इसलिए भी आसपास के लोगों को उसकी दुर्गंध का पता नहीं चल रहा था.
ऐसी ही एक ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री सोलापुर में भी मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगी, जहां से 100 करोड़ का ड्रग्स ज़ब्त किया गया. डीआरआई ने संभाजी नगर में एक फैक्ट्री रेड कर 250 करोड़ का नशीला पदार्थ पकड़ा है, तो मीरा-भयंदर, वसई, विरार पुलिस ने पालघर के एक फार्म हाउस में छापेमारी कर 38 करोड़ का ड्रग्स पकड़ा.
खास बात ये है कि ड्रग्स के खिलाफ इन सभी बड़ी कार्रवाईयों में सिंथेटिक ड्रग्स ही बड़ी मात्रा पकड़ी गई हैं, जो नशे की काली दुनिया के तेजी से बदलते ट्रेंड को दर्शाती है, जबकि इसके पहले पारंपरिक ड्रग्स का ही ज्यादा चलन था. जिसमें गांजा, कोकिन, अफीम और हेरोइन शामिल हैं. लेकिन ड्रग्स के बदलते पैटर्न को समझने के लिए पहले ड्रग्स तस्करी के रूट को को समझना होगा.
ड्रग्स तस्करी के रूट :-
भारत में विदेशों से ड्रग्स तस्करी के दो रूट हैं. एक गोल्डन ट्रैंगल- जिसमें म्यांमार, लाओस और थाईलैंड से अफीम भारत आती है. दूसरा गोल्डन क्रिसेंट- जिसमें ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हेरोइन भारत लायी जाती हैं. जबकि कोकिन साउथ अमेरिका से आती है.
एनसीबी के जोनल डायरेक्टर अमित घावटे के मुताबिक इंडिया के लेफ्ट और राइट में डेथ क्रिसेंट और डेथ ट्रैंगल हैं और भारत इन दो रीजन के बीच सैंडविच बना हुआ है. ये हमारे डिस्टर्ब पड़ोसी, जिनका पॉलिटिकल सिस्टम बहुत ही कमजोर है, उसका मेजर सोर्स ऑफ इनकम ज्यादा ड्रग्स से है, ज्यादातर हेरोइन और मेथाफेटामाइन से. इन दोनों के बीच में इंडिया है तो इंडिया का हमेशा ही इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी के लिए किया गया है. पहले वहां से ड्रग्स आता था, इंडिया में स्टोर होती थी और अलग देशों में वितरित होती थी, लेकिन अभी भारत में इसका इस्तेमाल भी बढ़ने लगा है.
जानकारों के मुताबिक करीब 70 फीसदी ड्रग्स की तस्करी समुद्र के रास्ते होती है, क्योंकि समुद्र देश का बड़ा ट्रेड रूट है. समुद्री ट्रांसपोर्ट बहुत बड़े पैमाने पर होते हैं. बड़े-बड़े पोर्ट्स हैं, जहां कंटेनर्स कार्गो आते हैं. तस्कर उसमें ड्रग्स छिपाकर लाते हैं. ऐसे काफी केस हो चुके हैं.
इसी तरह ऐसा कोई देश नहीं होगा, जो हवाई मार्ग से मुंबई, दिल्ली या फिर बैंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहर कनेक्टेड नही हैं, तो इसका दुरुपयोग भी ह्यूमन कैरियर और लगेज कैरियर में होता है. कोका वनस्पति से बनने वाली कोकीन साउथ अमेरिका से आता है, तो इसी तरह हेरोइन अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आती है.
विदेश से ही नहीं देश में भी बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी होती है. मुंबई एंटी नारकोटिक्स सेल के डीसीपी प्रकाश जाधव के मुताबिक गांजा जो मुंबई में आता है, वो उड़ीसा, विशाखापत्नम और आंध्र प्रदेश से आता है. वहां गांजे की अवैध खेती की जाती है. चरस में मनाली चरस है. नेपाल और जम्मू कश्मीर से भी आती है. हाल ही में पुलिस ने 15 किलो कश्मीरी चरस मुंबई में पकड़ा है.
ड्रग्स का बदलता ट्रेंड :-
जानकार बताते हैं कि हिंदुस्तान पहले ड्रग्स तस्करी का सिर्फ एक ट्रांजिट प्वाइंट था. लेकिन अब यहां सेवन बहुत बढ़ गया है, तो खपत भी होने लगी है. लेकिन हाल फिलहाल की बड़ी कार्रवाईयों से साफ है कि ड्रग्स का भी ट्रेंड बदला है. पारंपरिक ड्रग्स की जगह अब सिंथेटिक ड्रग्स का चलन बढ़ रहा है, जिसे डिजाइनर ड्रग्स भी कहा जाता है. सिंथेटिक ड्रग्स में मेफेड्रिन, एमडीएमए, अल्प्राजोलम, इफेड्रिन, कोडिन केटामाइन और LSD स्ट्रिप्स मुख्य हैं.
मुंबई एनसीबी के जोनल डॉयरेक्टर अमित घावटे बताते हैं कि सिंथेटिक ड्रग्स की तरफ ये एक मेजर शिफ्ट है और इसमें एक दूसरा पहलू भी है कि लोकली उत्पादन का प्रमाण बहुत बढ़ रहा है. महाराष्ट्र में अब तक इतनी फैक्ट्रियां एक साथ पकड़ी नहीं गई थीं. इसका निष्कर्ष यही निकलता है कि इसकी डिमांड महाराष्ट्र में है, इसलिए इतना उत्पादन हो रहा है और महाराष्ट्र एक मैन्युफैक्चरिंग बेस्ड इंडस्ट्रियल पॉजिटिव सेंस में पहले से ही है, लेकिन उसका दुरुपयोग ड्रग्स के लिए बढ़ रहा है.
मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी का कहना है कि इसकी दो तीन बड़ी वजह है एमडी बनाने के लिए एक तो आसानी से उन्हे रॉ मटेरियल मिल जाता है. दूसरे इसके बनाने की प्रोसेस लोग आसानी से अपना लेते हैं, वहीं इसमें प्रॉफिट एंगल भी है. यही कारण है कि उत्पादन तेजी से बढ़ा है और खपत भी. सत्यनारायण चौधरी के मुताबिक इसलिए मुंबई पुलिस की ज्यादातर कार्रवाई एमडी के खिलाफ हो रही है. हाल ही में जो सबसे बड़ी 300 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई वो भी एमडी ही थी.
करोड़ों-करोड़ के ड्रग्स की बरामदगी बताती है कि लाखों-लाख जिंदगियों की बर्बादी की कहानियां कैसे लिखी जा रही हैं. मुंबई में मानखुर्द के 14 साल के एक बच्चे ने बताया कि उसने बीड़ी और सिगरेट से नशा शुरू किया, लेकिन दोस्तों ने उसे ड्रग्स मिलाकर दे दिया. वो घंटों एक टेंपो में बेहोश पड़ा रहा. उसके पिता ने पहले तो बड़ी मुश्किल से उसे खोजा, फिर जब उन्हें पता लगा कि उसने ड्रग्स लिया था, तो उसे ये कहकर घर से निकाल दिया कि वो उनके लिए मर गए हैं.
कुर्ला में रहने वाले एक युवक की जिंदगी तो ड्रग्स से इस कदर बर्बाद हुई कि उसकी बीबी और बच्चे दोनों उसे छोड़कर चले गए. युवक के मुताबिक वो पहले एक कंपनी में अफसर था, जहां से उसे 40 हजार वेतन मिलता था, लेकिन नशे की लत की वजह से नौकरी तो गई, अब उसके पास रहने के लिए घर भी नहीं है. भला हो नशा बंदी मंडल का जिसने उसकी नशे की लत छुड़ाई और अब वो नशाबंदी दफ्तर में ही चौकीदार की तरह रहता है.
धारावी के एक शख्स ने बताया कि नशा करते थे तो मारपीट अपने आप हो जाती थी. पुलिस केस में जेल गया तो वहां और लोग मिल गए, जहां नींद नहीं आने पर चरस गांजा पीने लगा. मतलब जो आदमी ड्रग्स के दलदल से निकल सकता था, जेल के भीतर ड्रग्स के दलदल में और ज्यादा फंस गया. अलग-अलग उम्र की ये तीन कहानियां ड्रग्स से बर्बाद हुई, सिर्फ तीन जिंदगियों की नहीं, बल्कि हजारों लाखों की है.
महाराष्ट्र में नशाबंदी मंडल की स्थापना 1958 में संत तुकड़ो जी महाराज ने की थी. तब से मंडल सालाना 800 के करीब लोगों को नशा से मुक्ति दिलाता है, उनमें से 60 के करीब ड्रग्स लेने वाले होते हैं. नशा बंदी मंडल की महासचिव वर्षा विद्या विलास के मुताबिक हाल ही में केंद्र के सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक हॉस्पिटल से सर्वे करवाया और उस सर्वे में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है. इसमें जो आंकड़े आए हैं 10 साल से लेकर 17 साल की कम उम्र के बच्चे ड्रग्स के आदी हो रहे हैं और उनकी संख्या पूरे भारत में करोड़ों में है.
यही वजह है कि ड्रग्स के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार दोनों सख्त हुए हैं. इस पर राष्ट्रीय चिंता कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नशे के उड़ते कारोबार को लेकर चिंता व्यक्त की. प्रधानमंत्री ने ड्रग्स को देश की बड़ी समस्या बताते हुए कहा है कि इस समस्या से हमें भारत की युवा शक्ति को बचाना है. इसके लिए सरकारों के साथ-साथ परिवार और समाज की शक्ति को भी अपनी भूमिका का विस्तार करना होगा.
ड्रग्स और अंडरवर्ल्ड :-
ड्रग्स की बात आते ही अंडरवर्ल्ड और बॉलीवुड की तस्वीर आंखों के सामने घूमने लगती है. फिल्मी सितारों की पार्टियों पर नशे को लेकर उठते सवाल इसकी तरफ इशारा करते हैं और इसमें नीचे से काम करता है अंडरवर्ल्ड. ये गठजोड़ इसलिए काम करता है कि इसमें नशे का सुरूर भी है और काली कमाई का मौका भी.
ड्रग्स तस्करी में कभी इकबाल मिर्ची एक बड़ा नाम हुआ करता था. उसके बाद पाकिस्तान में बैठे जावेद चिकना का नाम है, लेकिन भारत में ड्रग्स तस्करी वर्तमान में कैलाश राजपूत का नाम सबसे बड़ा बताया जा रहा है. हालांकि जांच एजेंसियों का दावा है कि वर्तमान में नशे के धंधे में अलग - अलग कई ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडीकेट काम कर रहे हैं, जो बंद बड़ी फार्मास्यूटिकल यूनिट को किराए पर लेकर एमडी के प्रोडक्शन से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन तक नेटवर्क रखते हैं.
ड्रग्स नेटवर्क की सबसे निचली कड़ी को बेचन कहते हैं, उसके ऊपर ड्रग पैडलर और फिर स्मगलर होते हैं. एनसीबी के मुताबिक ड्रग्स तस्करी एक ऐसा अपराध है जिसे बॉर्डर लेस क्राइम कहते हैं, मतलब देशों की कोई बॉर्डर इस ड्रग ट्रैफिकिंग में देखी नहीं जाती है. इसलिए ऑर्गनाइज क्राइम सिंडीकेट इजी मनी के लिए पाया गया है. एनसीबी ने भी काफी केस किए हैं जिसमें ऑर्गनाइज क्राइम सिंडिकेट का रोल साफ दिख रहा है. क्योंकि इसमें सिर्फ ड्रग ट्रैफिकिंग ना देखकर अगर बड़े लेवल पर देखेंगे तो इसमें मनी लांड्रिंग के सवाल आते हैं. ड्रग्स के धंधे से अलग-अलग प्रॉपर्टी खरीदना, अलग-अलग देशों में पार्क करना ये देखा गया है.
मुंबई पुलिस एंटी नारकोटिक्स सेल के डीसीपी प्रकाश जाधव ने अब तक 25 सिंडिकेट पकड़ने का दावा किया है, जिनमें कुछ नाईजीरियन भी हैं, कुछ तंजानियन हैं. उनके पास से इस साल हमने 7 करोड़ के करीब ड्रग्स जब्त किया है. इसके अलावा एक नया ट्रेंड ये भी देखा गया है कि जो बॉडी ओफेंडर्स हैं, आईपीसी के अलग-अलग धारा में बॉडी के ऑफेंस करते हैं, वो लोग भी आजकल ड्रग्स में इजी मनी के कारण स्मगलिंग में देखे जा रहे हैं.
बदलते जमाने के साथ ड्रग्स का ट्रेंड बदला है तो बेचने और वितरण का तरीका भी. संपर्क के लिए सोशल मीडिया और डार्कनेट तो वितरण के लिए ह्यूमन कैरियर की जगह अब कूरियर सर्विस का इस्तेमाल बढ़ गया है. हाल ही में एनसीबी ने ऐसे कुछ कूरियर सर्विस वालों पर कार्रवाई भी की है.
देश में ड्रग्स के खिलाफ एनडीपीएस जैसा कड़ा कानून भी है और कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन एक बड़ी चुनौती ड्रग्स के खिलाफ जनजागृति और नशा मुक्ति की है. महाराष्ट्र नशा बंदी मंडल के सचिव अमोल मदामे के मुताबिक मंडल इसके लिए लगातार काम कर रहा है, लेकिन ये भी सच है कि मंडल को मिलने वाली अनुदान राशि आज भी वही है जो 60 साल पहले थी. ऐसे में सवाल है कि नशे के दलदल में धंसे लोगों को मुक्ति मिलेगी कैसे. हालांकि ये नशाबंदी मंडल का ही कमाल है कि कभी नशे के लत में अपना जीवन बर्बाद कर चुके शख्स आज नशा के खिलाफ जनजागृति अभियान का प्रमुख चेहरा हैं.
लेकिन ड्रग्स की समस्या एक राज्य-प्रांत तक सीमित नहीं रही. इसकी जड़ें देश में फैल चुकी हैं. हमारा भविष्य, नौजवान जाने-अनजाने में अपना जीवन तबाह कर रहा है. नशे की लत से अजब-ग़ज़ब अपराध भी जन्म ले रहे हैं. सप्लायर्स पर नकेल पुलिस-एजेंसियों का काम है, लेकिन शुरुआत घर से करनी होगी, क्योंकि जब तक ‘डिमांड' क़ायम है, सप्लाई का तरीक़ा अपराधी निकाल ही लेते हैं. जरूरत है इसी मकड़जाल को खत्म करने की है.
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल के पहले दिन कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने पार्टी के अंत तक की भविष्यवाणी कर दी. आम आदमी पार्टी के नेता ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली या पंजाब में एक मां अपने बच्चे को जो सबसे छोटी कहानी सुना सकती है, वह है 'एक थी कांग्रेस'.
भगवंत मान की इस कड़ी आलोचना को विपक्षी गुट के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है, जो कुछ ही महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे की बातचीत शुरू करने की तैयारी कर रहा है.
पंजाब और दिल्ली मिलाकर 21 लोकसभा की सीटें
इस बयान को आम आदमी पार्टी की दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस के साथ सीटें साझा करने से इनकार के रूप में भी देखा जा रहा है. पंजाब और दिल्ली में कुल मिलाकर 21 लोकसभा की सीटें हैं. हालांकि इन दोनों राज्यों में 2019 के आम चुनाव में AAP का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था.
कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 सीटों में से आठ पर जीत हासिल की. लेकिन गुटबाजी की वजह आम आदमी पार्टी सिर्फ एक सीट पर ही जीत हासिल कर पायी थी. भगवंत मान पंजाब में आम आदमी पार्टी के आखिरी सांसद थे, जिन्होंने पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी. बाद में उनकी संगरूर सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरमेल सिंह हार गए थे. वहीं दिल्ली में AAP बीजेपी से सभी सात सीटें हार गई थी.
विपक्षी गुट 'इंडिया' भाजपा के खिलाफ आमने-सामने की लड़ाई के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है. हालांकि बंगाल, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में कांग्रेस को कितनी प्रतिशत सीटें दी जाएंगी, इस पर अभी तक कोई सहमति नहीं है. क्योंकि यहां शासन करने वाली पार्टियां से कांग्रेस के ज्यादा अच्छे संबंध नहीं हैं.
ममता ने टीएमसी के बंगाल में सभी 42 लोकसभा सीटों पर लड़ने के दिए संकेत
पिछले हफ्ते, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया था कि तृणमूल कांग्रेस राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से किसी को भी कांग्रेस के साथ साझा करने का इरादा नहीं रखती है. ममता बनर्जी ने उत्तर 24 परगना में एक सभा में कहा, "इंडिया का गठबंधन पूरे देश में होगा. बंगाल में तृणमूल लड़ेगी और भाजपा को हराएगी. याद रखें, बंगाल में केवल तृणमूल ही भाजपा को सबक सिखा सकती है, कोई अन्य पार्टी नहीं."
वहीं शिवसेना (यूबीटी) ने भी ज्यादा सीटें साझा करने में अपनी अनिच्छा का संकेत दिया है. वरिष्ठ पार्टी नेता संजय राउत ने कहा, "ये महाराष्ट्र है, और शिवसेना यहां की सबसे बड़ी पार्टी है. कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है. उद्धव ठाकरे राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के निर्णय लेने वाले नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, ''हमने हमेशा कहा है कि शिवसेना दादरा और नगर हवेली सहित लोकसभा चुनाव में 23 सीटों पर लड़ती रही है और यह कायम रहेगा.''
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