नवरात्रि की आठवीं रात को एक खास समुदाय के कम से कम 40 पुरुष और दूसरे श्रद्धालु साडू माता नी पोल में इकट्ठा होते हैं. वे रंग-बिरंगी साड़ियां पहनते हैं और माथे पर लाल सिंदूर की बिंदी लगाते हैं. और फिर शुरू होता है उनका गरबा. क्या है इसके पीछे की कहानी, यहां जानिए.
from NDTV India - Zara hatke https://ift.tt/9u3lYBd
No comments:
Post a Comment