Thursday, 16 November 2023

MP की 230 और छत्तीसगढ़ की 70 सीटों के लिए मतदान आज, चुनावी मैदान में 3491 उम्मीदवार

  1.  छत्तीसगढ़ में 19 जिलों की 70 सीटों पर मतदान होगा. इनमें से 9 सीट एससी और 17 एसटी के लिए आरक्षित  हैं. दूसरे फेज की वोटिंग में कुल 958 प्रत्याशी मैदान में हैं. 70 सीटों पर कुल वोटरों की संख्या 1.63 करोड़ है, जिसमें 81.42 लाख पुरुष वोटर और 81.72 लाख महिला वोटर हैं. जबकि 684 थर्ड जेंडर के वोटर हैं.  
  2. चुनाव आयोग की तरफ से अंतिम चरण के लिए 18,806 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. उम्मीदवारों की बात करें तो सबसे ज्यादा प्रत्याशी रायपुर पश्चिम विधानसभा सीट पर खड़े हुए हैं. यहां से 26 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि डौंडी लोहारा में सबसे कम चार प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 
  3. छत्तीसगढ़ चुनाव के दूसरे फेज में सीएम भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की सीट पर मतदान होंगे. सीएम समेत 10 मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह की सीट पर भी शुक्रवार को वोटिंग होगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और दो सांसदों की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. दूसरे चरण में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में वोटिंग कराई जाएगी.
  4. सीएम भूपेश बघेल दुर्ग के पाटन से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव सरगुजा संभाग के अंबिकापुर से मैदान में हैं. खाद्य व संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत को सीतापुर से टिकट मिला है, जबकि खेल व उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल खरसिया से चुनाव लड़ रहे हैं. राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल कोरबा से चुनावी मैदान में हैं.
  5. बीजेपी के उम्मीदवार बृज मोहन अग्रवाल रायपुर सिटी दक्षिण से उम्मीदवार हैं. वह लगातार सात बार के विधायक हैं. एमपी और छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहे हैं. केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह कोरिया जिले की भरतपुर-सोनहत से प्रत्याशी हैं. बीजेपी नेता अरुण साव मुंगेली जिले की लोरमी सीट से उम्मीदवार हैं.छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष हैं. बिलासपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं. पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं.
  6. मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2533 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां सत्ता के लिए मुख्य लड़ाई सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस के बीच है. मध्य प्रदेश में कम से कम 5,60,60,925 मतदाता 2,88,25,607 पुरुष, 2,72,33,945 महिलाएं और 1,373 थर्ड जेंडर शामिल हैं. मतदान के लिए 2,049 मतदान केंद्रों बनाए गए हैं.
  7. 230 विधानसभा सीटों और मतदान केंद्रों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांट रखा है. निर्वाचन आयोग के अनुसार ए ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे ही खत्म हो जाएगी. इसी तरह बी ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी. जबकि सी ग्रुप वाले मतदान केंद्रों पर वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ही चलेगी. डी वाले ग्रुप के लिए वोटिंग का सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे रखा गया है. 
  8. मध्य प्रदेश की बुधनी सीट पर बीजेपी ने मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मैदान में उतारा है. उनके खिलाफ कांग्रेस से विक्रम मस्तल खड़े हैं. 2008 में शिवराज सिंह चौहान ने यहां से चुनाव जीता था. इस बार भी उनकी जीत तय मानी जा रही है. शिवराज सिंह चौहान सरकार में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा इसी विधानसभा सीट से 2018 का चुनाव जीते थे. एक बार फिर वह यहीं से मैदान में हैं. इनके खिलाफ कांग्रेस के अवधेश नायक ताल ठोक रहे हैं.
  9. इंदौर-1 विधानसभा सीट भी सबसे चर्चित सीट में से एक है. यहां कांग्रेस के संजय शुक्ला के सामने बीजेपी के कैलाश विजयवर्गीय मैदान में हैं. संजय शुक्ला ने 2018 का चुनाव जीता था लेकिन इससे पहले इस सीट पर भगवा पार्टी का दबदबा था. इसलिए यहां रोमांचक मुकाबला होगा.
  10. छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र इसलिए खास है, क्योंकि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का सीधा मुकाबला बीजेपी के विवेक बंटी साहू से है. 2019 के उपचुनाव में कमलनाथ ने विधानसभा सीट जीती थी. पर इस बार अलग-अलग कई फैक्टर की वजह से साहू कमल नाथ को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं.


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Wednesday, 15 November 2023

दक्षिण चीन सागर में नाजुक सुरक्षा स्थिति, समुद्र में ‘अच्छी व्यवस्था’ के लिए खतरा: नौसेना प्रमुख

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने क्षेत्र में चीन की सैन्य आक्रामकता के परोक्ष संदर्भ में बुधवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर में नाजुक सुरक्षा स्थिति स्थापित सिद्धांत के उल्लंघन के अलावा समुद्र में ‘‘अच्छी व्यवस्था'' और ‘‘अनुशासन'' के लिए स्पष्ट खतरा पैदा करती है.

हाइड्रोकार्बन के विशाल स्रोत दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता के चीन के व्यापक दावों को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं. वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित क्षेत्र के कई देशों ने इस बाबत आपत्तियां जताईं हैं.

वह हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद (आईपीआरडी) को संबोधित रहे थे। आईपीआरडी भारतीय नौसेना का एक शीर्ष-स्तरीय वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में ‘‘समग्र'' समुद्री सुरक्षा मुद्दों को संबोधित करना है.

आसियान देश दक्षिण चीन सागर के मद्देनजर एक बाध्यकारी आचार संहिता (सीओसी) पर जोर दे रहे हैं. वर्ष 2016 के दौरान एक फैसले में, हेग में मध्यस्थता अदालत ने दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर बीजिंग के दावे को खारिज कर दिया था. हालांकि, चीन ने फैसले को मानने से इनकार कर दिया.

वहीं, सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने हिंद-प्रशांत के ऐतिहासिक और साथ ही समकालीन महत्व पर प्रकाश डाला और क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण और परिप्रेक्ष्य का जिक्र किया.

एडमिरल कुमार ने भी हिंद-प्रशांत के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया और वैश्विक व्यापार, भू-राजनीति के लिए इसके महत्व का उल्लेख किया. साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सैन्य तैनाती का भी जिक्र किया.


 



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India vs New Zealand Semi Final: भारत ने सेमीफाइनल में हराया न्यूजीलैंड को, फिल्मी सितारों ने यूं जाहिर की खुशी

India vs New Zealand Semi Final: भारत वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में पहुंच गया है. टीम ने न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल के मुकाबले में हरा दिया है. भारत ने विरोधी टीम को 398 रन का टारगेट दिया था. जिसे न्यूजीलैंड की टीम पूरी नहीं कर पाई. सेमीफाइनल में जीत के साथ 19 नवंबर को भारतीय टीम वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल मैच खेलेगी. सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हराने के बाद भारतीय टीम को जीत हर कोई बधाई दे रहे हैं. इसमें फिल्मी सितारे भी शामिल है. कई फिल्मी सितारों ने टीम इंडिया को जीत की बधाई दी है.

वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 398 का टारगेट रखा. ऐसे लेकिन लक्ष्य का पीछा कर रही न्यूजीलैंड को डेरेल मिशेल और केन विलियमसन की जोड़ी ने शानदार रन बनाए. हालांकि इन दोनों बल्लेबाजों की बैटिंग के दौरान भारतीय टीम की बेहद खराब फील्डिंग देखने को मिली है. मोहम्मद शमी ने जहां डेरेल मिशेल का कैच छोड़ा तो वहीं भारतीय टीम ने एक्स्ट्रा रन भी दिए हैं, लेकिन एक समय आया जब टीम इंडिया ने फील्डिंग को संभाला और वापसी की.

आपको बता दें कि इससे पहले मोहम्मद शमी ने अटैक पर आते ही पहले डेवेन कॉन्वे को अपना शिकार बनाया और उसके बाद 8वें ओवर में रचिन रविंद्र को पवेलियन की राह दिखाकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया. इससे पहले भारत ने विराट कोहली के ऐतिहासिक 50वें वनडे शतक और श्रेयस अय्यर के पांचवें वनडे शतक की बदौलत 50 ओवर में 4 विकेट पर 397 रन का विशाल स्कोर बनाया. इन दोनों के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने नाबाद 80 और केएल राहुल ने नाबाद 39 रनों की पारी खेली. भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया. दोनों ही टीमों ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया. 

वहीं बात करें विराट कोहली की तो उन्होंने 291वें मैच में सचिन के इस महा रिकॉर्ड को तोड़ दिया. सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में 463 मैच में 18426 रन बनाए थे जिसमें उनके नाम 49 वनडे शतक दर्ज थे.अब कोहली ने 50वां शतक लगाकर सचिन तेंदुलकर के वनडे में सबसे ज्यादा शतक लगाने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.अपनी शतकीय पारी के दौरान विराट कोहली वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज भी बन गए हैं. कोहली ने रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ गिया है. पोंटिंग ने 13734 वनडे रन अपने करियर में बनाए थे. वहीं, वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है. तेंदुलकर ने 18426 रन वनडे में बनाए थे. वहीं, अब कुमार संगाकारा (Kumar Sangakkara) ने अपने वनडे करियर में 14234 रन बनाए हैं. 



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बेंगलुरु की सड़क पर कार सवार महिला का बदमाशों ने किया पीछा, पति ने शेयर किया डरावना अनुभव

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बीते दिनों ऐसा मामला सामने आया, जिसके बाद महिलाओं की सुरक्षा और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. यहां एक कार सवार महिला का कुछ लड़कों ने काफी देर तक पीछा किया. हालांकि, महिला अपनी सूझबूझ के कारण बाल-बाल बच गईं. महिला के पति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखकर पत्नी के डरावने अनुभव शेयर किए हैं.

आर. शेट्टी ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट 'X' पर अपनी पत्नी के डरावने अनुभव शेयर किए हैं. शेट्टी ने लिखा- "मुझे बेंगलुरु में कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं हुआ. मुझे पता है कि एक कन्नड़ भाषी पुरुष होने के नाते मेरे विशेषाधिकार क्या हैं. लेकिन पिछले गुरुवार को मुझे महसूस हुआ कि रात 10 बजे के बाद शहर के कुछ हिस्से कितने असुरक्षित हैं. मैंने सरजापुर में फर्जी हादसों के भयानक वीडियो देखे हैं, जहां गुंडों ने कार में लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी."

डरावनी स्थिति के बारे में आर. शेट्टी ने लिखा, "8 नवंबर को मेरी पत्नी ने अपनी कार से तीन सहकर्मियों (2 महिलाओं और एक पुरुष) को छोड़ने की पेशकश की. सरजापुर से कैब मिलना मुश्किल था. लिहाजा मेरी पत्नी ने अपने सहकर्मियों को कार से उनके घर ड्रॉप करने का ऑफर दिया. लेकिन उनकी कार का कुछ लोगों ने पीछा किया था. कुछ लोगों ने कई किलोमीटर तक मेरी पत्नी की कार का पीछा किया. वो उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते थे. हालांकि, मेरी पत्नी ने स्मार्टनेस के साथ काम किया. उन्होंने मुख्य सड़क पर ही कार रोकी और जितनी जल्दी हो सके पुलिस को सूचित किया."

शेट्टी आगे लिखते हैं, "मेरी पत्नी की कार का पीछा करने के दौरान उन लोगों ने कथित डैमेज का आरोप लगाते हुए भरपाई की मांग की. कुछ टेम्पो चालकों ने उनलोगों की कार को पीछे से टक्कर मार दी, लेकिन वो दूसरे लोगों को पैसों के लिए परेशान कर रहे थे. हालांकि, इस दौरान किसी ने भी कार में सवार तीन महिलाओं (जिसमें मेरी पत्नी भी थी) और एक पुरुष की मदद नहीं की."

इस परेशानी के बीच मेरी पत्नी ने सूझबूझ से काम लिया और मुख्य सड़क पर ही कार रोकी. उन्होंवे तुरंत पुलिस को सूचना दी. उन्होंने कहा, "अगर पुलिस को बुलाने, मुझे और अपने 10 दोस्तों को तुरंत लोकेशन पर बुलाने में उसकी बुद्धिमत्ता नहीं होती, तो घटना एक अलग मोड़ ले सकती थी."

आर शेट्टी आगे लिखते हैं, "यह शहर इससे बेहतर का हकदार है. हमें सुरक्षा की जरूरत है. सरजापुर इन घटनाओं के लिए एक हॉटस्पॉट रहा है. हमें इस खतरे को रोकने के लिए एक समाधान निकालने की जरूरत है."

आर शेट्टी के पोस्ट ने कई लोगों का ध्यान आकर्षित किया. अन्य लोगों ने भी बेंगलुरु के अलग-अलग इलाकों में बढ़ती घटनाओं के अनुभव शेयर किए हैं.
 



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Tuesday, 14 November 2023

उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू टीम ने वॉकी-टॉकी से जाना 40 मजूदरों का हाल, पाइप से खाने-पानी की सप्लाई

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक निर्माणाधीन टनल (Uttarkashi Tunnel Collapse) के धंस जाने से 40 मजदूर फंसे हुए हैं. 12 नवंबर को ये टनल धंस गई थी. 65 घंटे से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन इन मजदूरों को रेस्क्यू नहीं किया जा सकता है. मलबा हटाने के दौरान ऊपर की मिट्टी धंस रही है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है.

रेस्क्यू टीम मंगलवार को वॉकी-टॉकी की मदद से टनल में फंसे मजदूरों से बात कर पाए. इन मजदूरों में से एक ने अपने बेटे से उस पाइप के जरिए कुछ मिनट तक बात भी की, जिसका इस्तेमाल ऑक्सीजन सप्लाई के लिए किया जा रहा था.

फंसे हुए मजदूर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हैं. नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL), NDRF, SDRF, ITBP, BRO और नेशनल हाईवे की 200 से ज्यादा लोगों की टीम 24 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. मजदूरों को पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. खाना-पानी भी दिया जा रहा है. 

रविवार को ब्रह्मखाल-यमुनोत्री हाईवे पर 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का एक हिस्सा ढह गया. चारधाम प्रोजेक्ट के तहत यह टनल ​​​​ब्रह्मखाल और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सिल्क्यारा और डंडलगांव के बीच बनाई जा रही है. 
जो मजदूर सुरक्षित भागने में सफल रहे, वे 400 मीटर के बफर जोन में फंस गए हैं. ये बफर जोन 200 मीटर चट्टानी मलबे के नीचे है. 

रेस्क्यू टीम ने शुरुआत में एक कागजी नोट को पाइप के जरिए पास कराया गया. कागज जब अंदर चला गया, तो वॉकी टॉकी को उसी पाइप से नीचे खिसका दिया गया. क्योंकि चट्टान की दीवार के पीछे से सेलफोन रिसेप्शन नामुमकिन था.

यह अभी तक यह साफ नहीं है कि मजदूरों के रेस्क्यू में कितना समय लगेगा. एनडीआरएफ या एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर कोई निर्धारित समय नहीं दिया है.


 



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Monday, 13 November 2023

35 साल में इतना बदल गए हैं महाभारत के कर्ण, कभी मूंछों हटाने के लिए कहने पर छोड़ दिया था 'अर्जुन' का रोल

टेलीविजन इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकार हैं जो अपने आईकॉनिक रोल्स के लिए जाने जाते हैं. उन्हीं में से एक है टीवी पर कर्ण, चंद्रकांता, द ग्रेट मराठा जैसे किरदार निभाने वाले पंकज धीर, जो 63 साल की उम्र में भी बॉलीवुड और छोटे पर्दे पर अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरते हैं, लेकिन इतने सालों में पंकज धीर का लुक कितना बदल गया और वह अब कैसे दिखने लगे हैं आइए हम आपको दिखाते उनकी पहले और अब की तस्वीरें.

कभी ऐसे दिखते थे महाभारत के कर्ण 

सबसे पहले टेलीविजन एक्टर पंकज धीर की इस तस्वीर पर नजर डालें, ब्लैक एंड व्हाइट इस तस्वीर में पंकज धीर काफी यंग नजर आ रहे है और काफी स्टाइलिश लग रहे हैं. उनकी हेयर स्टाइल और मूंछों वाला लुक काफी इंटरेस्टिंग है.

इतना बदल गए पंकज धीर 

अब जरा पंकज धीर की इस लेटेस्ट तस्वीर पर नजर डालें, जिसमें उनकी ऐज काफी बड़ी दिख रही है. कुर्ता पजामा जैकेट और साफा पहना पंकज की तस्वीर में बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं.

कभी मूंछों के लिए छोड़ दिया था अर्जुन का रोल

1988 से लेकर 1990 तक दूरदर्शन पर प्रसारित हुई बी आर चोपड़ा की महाभारत आज भी लोगों के जहन में बसी हुई है. इसमें अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान बीआर चोपड़ा की पहली पसंद नहीं थे. दरअसल, यह रोल पंकज धीर को ऑफर किया गया था, लेकिन पंकज को अपनी मूंछ मुंडवाना जरा भी गवारा नहीं था, इसलिए उन्होंने अर्जुन का रोल करने से इनकार कर दिया. उसके बाद बीआर चोपड़ा ने इसी महाभारत सीरियल में कर्ण का किरदार पकंज धीर को ऑफर किया और इसके लिए उन्होंने अपनी मूंछ भी नहीं हटाई थी.

गाजा के अस्पताल में फ्यूल खत्म, एक बेड पर 39 नवजात, एक दूसरे के बदन से गर्मी देकर बचाई जा रही जान

इजरायल और फिलिस्तीनी संगठन हमास (Hamas) के बीच जंग (Israel-Palestine War) का सोमवार (13 नवंबर) को 37वां दिन है. 7 अक्टूबर को हमास ने गाजा पट्टी से इजरायल की तरफ 5000 से ज्यादा रॉकेट दागे थे. हमास के लड़ाकों ने सुरंगों के रास्ते इजरायल में घुसपैठ की थी और 1400 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. उसके बाद से इजरायल गाजा पट्टी (Gaza Strip) पर हमास के खिलाफ आर या पार की लड़ाई लड़ रहा है. इजरायल ने गाजा में अस्पतालों को टारगेट करना शुरू कर दिया है. सोमवार को इजरायली सेना के टैंक गाजा के मुख्य अस्पताल के गेट तक पहुंच गई. जंग के बीच गाजा के अल शिफा अस्पताल (Gaza's Al Shifa Hospital) में फ्यूल की कमी हो जाने से बड़ा संकट हो गया है.

समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल की सप्लाई बंद होने से मशीनें और मेडिकल इक्यूपमेंट्स नहीं चल रहे हैं, जिससे मरीजों की मौत हो रही है. इसमें नवजात बच्चे भी शामिल हैं. वहीं, इंक्यूबेटर में नवजात बच्चों को एक दूसरे से सटाकर रखा जा रहा है, ताकि उन्हें ह्यूमन हीट से सही टेंपरेचर दिया जा सके. डॉक्टर के मुताबिक, एक बेड पर 39 बच्चे लिटाए गए हैं.

इजरायल-हमास युद्ध : गाजा का सबसे बड़ा अस्पताल भी मरीजों को जीवित रखने के लिए कर रहा है संघर्ष

इजरायल के आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर से शुरू हुए जंग में अब तक 12000 लोग मारे गए हैं. हमास ने 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा के सुरंगों में छिपा रखा है. इस जंग में आधे से ज्यादा गाजावासी बेघर हो गए हैं. इजरायल ने उत्तरी गाजा के आधे हिस्से को पूरी तरह से खाली करने का आदेश दिया है. गाजा के चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि जंग के बीच 11000 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से लगभग 40% बच्चे हैं.

अल शिफा अस्पताल के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट का बुरा हाल है. यहां नवजात बच्चे एक-दूसरे के बगल में लिटाए गए हैं. इनमें से कुछ बच्चे हरे कपड़े में लिपटे हुए हैं, जो गर्मी के लिए उनके चारों ओर मोटे तौर पर टेप से बंधे हुए हैं. बाकी बच्चों को सिर्फ नैपी पहनाकर रखा गया है. अस्पताल में हर मिनट बीतने के साथ इन बच्चों की जिंदगी पर खतरा बढ़ता जा रहा है.

नवजात बच्चों को गाजा के अल शिफा अस्पताल में मजबूर डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है. ये अस्पताल इजरायली टैंकों से घिरा हुआ है. यहां बिजली, पानी, भोजन, दवाओं और मेडिकल डिवाइस की किल्लत है.

अल शिफ़ा अस्पताल में पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट की हेड डॉ. मोहम्मद तबाशा ने सोमवार को एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में कहा, "कल यहां 39 बच्चे थे और संख्या 36 हो गई है." उन्होंने कहा, "मैं नहीं कह सकता कि वे कितने समय तक चल सकेंगे. मैं आज या अगले एक घंटे में दो और बच्चों को खो सकता हूं.''

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समय से पहले जन्मे बच्चों का वजन 1.5 किलोग्राम (3.3 पाउंड) से कम होता है और कुछ मामलों में सिर्फ 700 या 800 ग्राम होता है. इन बच्चों को इंक्यूबेटर में रखा जाना चाहिए, जहां टेंपरेचर और ह्यूमिडिटी (आर्द्रता) को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के मुताबिक, कंट्रोल किया जा सकता है.

तबाशा ने कहा, "इसके बजाय बिजली की कमी के कारण इन बच्चों को इंक्यूबेटर से जनरल बेड पर ले जाना पड़ा. उन्हें एक-दूसरे के बगल में लिटाया गया है. कुछ नैपी के पैकेट दिए गए हैं. बेड पर स्टराइल गॉज और प्लास्टिक की थैलियां भी पड़ी हैं.

डॉ. तबाशा ने कहा, "मैंने अपनी अब तक की जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि मैं 39 बच्चों को एक एक बेड पर रखूंगी. इनमें से हर बच्चे को अलग-अलग बीमारी होगी. मेडिकल स्टाफ और दूध की भारी कमी के बीच ये बच्चे ऐसे रह रहे हैं."

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डॉ. मोहम्मद तबाशा कहती हैं, "इन बच्चों का शरीर ठंडा हो रहा है. बिजली कटौती के कारण तापमान स्थिर नहीं है. इंफेक्शन कंट्रोल उपायों की कमी की वजह से बच्चे एक-दूसरे तक वायरस पहुंचा रहे हैं और उनमें कोई इम्यूनिटी नहीं है."

उन्होंने कहा, "अब उनके दूध और बोतल टीट को जरूरी मानक के हिसाब से स्टरलाइज़ करने का कोई तरीका नहीं है. इसके नतीजे के रूप में कुछ बच्चों को गैस्ट्राइटिस हो गया. वे दस्त और उल्टी से पीड़ित थे, जिसका मतलब उन्हें डिहाइड्रेशन का गंभीर खतरा है."

"आप धीरे-धीरे उन्हें मार रहे हैं"
बच्चों की देखभाल में शामिल डॉ. अहमद अल मोखलालती ने मौजूदा हालात को घातक बताया. उन्होंने अल शिफा से टेलीफोन पर बातचीत में कहा, "वे बहुत बुरी स्थिति में हैं. आप उन्हें धीरे-धीरे मार रहे हैं. जब तक कि कोई उनकी स्थिति को समायोजित करने या सुधारने के लिए हस्तक्षेप नहीं करता."

उन्होंने कहा, "ये बहुत ही गंभीर मामले हैं. आपको इनसे निपटने में बहुत संवेदनशील होना होगा. आपको इनमें से हर बच्चे का बहुत खास तरीके से ख्याल रखना होगा."

इस दौरान डॉ. तबाशा ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी चीजें भी बताई. उन्होंने कहा, "हमें इंक्यूबेटर चलाने के लिए बिजली, दूध और बोतल टीट्स के लिए एक उचित स्टरलाइज़र, दवाएं और अगर इन बच्चों में कोई सांस का मरीज है, तो हमें संबंधित मशीनें चाहिए."

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