Sunday, 5 January 2025

'आतिशी ने बाप ही बदल लिया', प्रियंका गांधी के बाद अब रमेश बिधूड़ी के दिल्ली की CM पर बिगड़े बोल

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections) को लेकर भाजपा के कालकाजी विधानसभा सीट से उम्‍मीदवार रमेश बिधूड़ी कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी पर विवादित बयान देकर फंस गए. बिधूड़ी ने आलोचना के बाद माफी भी मांग ली, लेकिन उनके बड़बोले बोलों को सिलसिला नहीं थमा. प्रियंका गांधी को लेकर बयान के कुछ ही घंटों बाद उन्‍होंने दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री आतिशी को लेकर निशाना साधा, जिसने एक बार फिर विवाद को जन्‍म दे दिया है. बिधूड़ी ने आतिशी पर निशाना साधते हुए कहा कि आतिशी ने अपना बाप ही बदल लिया. 

रमेश बिधूड़ी ने आतिशी को लेकर क्‍या कहा?

रोहिणी में भाजपा की ‘परिवर्तन रैली' को संबोधित करते हुए बिधूड़ी ने कहा कि आतिशी ने अपना उपनाम ‘मार्लेना' से बदलकर ‘सिंह' कर लिया है. कालकाजी सीट से मौजूदा विधायक आतिशी ने कुछ समय पहले अपना उपनाम हटा दिया था. 

बिधूड़ी ने आरोप लगाया, ‘‘वह मार्लेना (आतिशी द्वारा पहले इस्तेमाल किया जाने वाला उपनाम) से सिंह बन गईं, उन्होंने नाम बदल लिया. केजरीवाल ने अपने बच्चों की कसम खाकर कहा था कि भ्रष्ट कांग्रेस के साथ नहीं जाऊंगा, (और अब) मार्लेना ने बाप बदल लिया. पहले वह मार्लेना थीं, अब वह सिंह बन गई हैं. यह उनका चरित्र है.''

अरविंद केजरीवाल की भाजपा पर तीखी प्रतिक्रिया

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में इन टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्‍होंने कहा, "बीजेपी के नेताओं ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी. बीजेपी के नेता दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी जी को गंदी-गंदी गालियां दे रहे हैं. एक महिला मुख्यमंत्री का अपमान दिल्ली की जनता सहन नहीं करेगी. दिल्ली की सभी महिलाएं इसका बदला लेंगी."

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महिला मुख्‍यमंत्री से हारेंगे बिधूड़ी : AAP

आम आदमी पार्टी की प्रवक्‍ता प्रियंका कक्‍कड़ ने आतिशी को लेकर बिधूड़ी के बयान पर सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने कहा, "अगर वह एक महिला मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो जरा सोचिए कि अगर गलती से रमेश बिधूड़ी विधायक बन गए तो वह सामान्य महिला के साथ कैसा व्यवहार करेंगे. भाजपा महिलाओं का अपमान करती है क्‍योंकि महिलाएं अपने बेटे और भाई अरविंद केजरीवाल पर आंख मूंदकर समर्थन करेंगी. रमेश बिधूड़ी महिला मुख्यमंत्री से बुरी तरह हारेंगे."

प्रियंका गांधी पर विवादित बयान, माफी भी मांगी

इससे पहले रमेश बिधूड़ी ने प्रियंका गांधी को लेकर विवादित बयान दिया था. विवादित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें बिधूड़ी को यह कहते सुना जा सकता है कि लालू यादव ने वादा किया था बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों जैसा बना दूंगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. मैं विश्वास दिलाता हूं कि जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी हैं. वैसे ही कालकाजी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा.

भाजपा ने बिधूड़ी को कालकाजी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है, जहां से मुख्‍यमंत्री आतिशी विधायक हैं. वहीं कांग्रेस ने इस सीट से अलका लांबा को उम्मीदवार बनाया है. आतिशी के खिलाफ दो दिग्गजों के चुनाव मैदान में उतरने से त्रिकोणीय मुकाबले की उम्‍मीद है. दिल्‍ली विधानसभा के लिए चुनाव की तारीखों का जल्‍द ही ऐलान किया जाएगा. 



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Saturday, 4 January 2025

कांग्रेस पार्टी देश भर में चलाएगी 'जय बापू-जय भीम-जय संविधान' अभियान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डॉक्‍टर आंबेडकर पर सदन में दिए बयान के ख‍िलाफ कांग्रेस पार्टी देश भर में 'जय बापू-जय भीम-जय संविधान' अभियान चलाएगी. शनिवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने बताया कि इस अभियान के तहत हर जिले में चौपाल लगाई जाएगी. उन्होंने इस देशव्यापी अभियान का पैम्फलेट भी जारी किया.

पवन खेड़ा ने कहा कि संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब आंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. यह उम्मीद थी कि गृह मंत्री माफी मांगेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे. लेकिन प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री का साथ दिया और आंबेडकर के अपमान में साझेदार बने. बीते माह कर्नाटक के बेलगावी में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह मुद्दा उठा था और तय किया गया था कि पूरे देश में 'जय बापू-जय भीम-जय संविधान' अभियान की शुरुआत की जाएगी.

खेड़ा ने कहा इस अभियान के तहत आयोजित चौपालों में बताया जाएगा कि भाजपा-आरएसएस दशकों से आंबेडकर का अपमान और संविधान को नीचा दिखाने का काम करते आए हैं. इसका खामियाजा नागरिकों को झेलना पड़ रहा है. देश के 90 प्रतिशत लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है. लेटरल एंट्री और निजीकरण के माध्‍यम से आरक्षित वर्ग को चोट पहुंचाई जा रही है.

उन्होंने कहा कि दस लाख से अध‍िक रिक्त पद हैं, वह भी आरक्षित वर्ग पर सीधा-सीधा हमला है. ऐसे अनेक हमले भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे हैं. इन चौपालों में इस पैम्फलेट का वितरण होगा और तथ्यात्मक तरीके से ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ देशवासियों को यह बताया जाएगा कि कैसे भाजपा-आरएसएस 90 प्रतिशत आबादी के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं.

खेड़ा ने बताया कि 26 जनवरी को बाबासाहेब आंबेडकर की जन्मस्थली मध्य प्रदेश के महू में विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा. खेड़ा ने दोहराया कि गृह मंत्री शाह ने संसद में जो कहा, वह आरएसएस और उसकी राजनीतिक शाखा भाजपा की गहरी मानसिकता में है. आरएसएस ने 30 नवंबर, 1949 को अपने मुखपत्र ऑर्गनाइजर में संविधान को अभारतीय बताया था. जब आंबेडकर महिलाओं के समान अधिकार की बात करते थे, तो रामलीला मैदान में आरएसएस ने उनका पुतला जलाया था. आज न सिर्फ बाबा साहेब आंबेडकर बल्कि गांधी की विरासत पर भी हमला बोला जा रहा है.

खेड़ा ने आगे कहा भाजपा संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विरोधी है. पिछले दस सालों में भाजपा सरकार ने लगातार संविधान पर हमला किया है. भाजपा देश में दलितों और आदिवासियों के साथ न केवल सरेआम अन्याय करती है, बल्कि उनके कानूनों को भी कमजोर करती है. भाजपा को भरोसा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 400 पार सीट लाकर संविधान बदल देगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.

अगर ऐसा होता तो वह न सिर्फ संविधान बदलती, बल्कि नोटों से महात्मा गांधी का चित्र भी गायब हो जाता. जिन महात्मा गांधी जी को पूरी दुनिया आदर्श मानती है, उन्हें उनके देश का सत्तारूढ़ दल ही धीरे-धीरे हटाने की साजिश रच रहा है. बाबा साहेब आंबेडकर और महात्मा गांधी की राह पर चलने वाली कांग्रेस पार्टी उनके अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी. इसलिए हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़कर उनकी विरासत से न केवल नई पीढ़ी को स्मरण कराएं, बल्कि उसे संजोने के लिए अहिंसक तरीके से लड़ें. देश संविधान के आधार पर ही चलेगा. भाजपा मुंह में संविधान और बगल में मनुस्मृति लेकर नहीं घूम सकती है.



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चीन में फैले HMPV वायरस से भारत को डरने की जरूरत नहीं, हम पूरी तरह तैयार : स्‍वास्थ्‍य मंत्रालय

चीन में सांस के रोगों के बढ़ते मामलों ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है. चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के प्रकोप की हाल की खबरों के मद्देनजर भारत सभी उपलब्ध माध्यमों से स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और डब्ल्यूएचओ से समय पर जानकारी साझा करने का भी अनुरोध किया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. साथ ही कहा कि देश श्वसन रोगों में किसी भी बढ़ोतरी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. मंत्रालय ने बताया कि एहतियाती उपाय के तहत एचएमपीवी मामलों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पूरे वर्ष एचएमपीवी के रुझानों की निगरानी करेगी.

मंत्रालय ने बताया कि स्थिति पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की बैठक आयोजित की गई. 

बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), आपातकालीन चिकित्सा राहत (ईएमआर) प्रभाग और एम्स-दिल्ली सहित अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया.

चीन में स्थिति असामान्‍य नहीं : मंत्रालय

मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत चर्चा के बाद तथा वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस बात पर सहमति बनी कि चल रहे फ्लू के मौसम को देखते हुए चीन में स्थिति असामान्य नहीं है.

इसमें कहा गया कि खबरों से जानकारी मिली है कि श्वास संबंधी बीमारियों में वर्तमान उछाल का कारण इन्फ्लूएंजा वायरस, आरएसवी और एचएमपीवी हैं, जो इस मौसम में होने वाले सामान्य रोगाणु हैं.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार सभी उपलब्ध माध्यम से स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और डब्ल्यूएचओ से भी चीन की स्थिति के बारे में समय पर आंकड़े साझा करने का अनुरोध किया गया है.''

असामान्‍य वृद्धि नहीं दर्शाते आंकड़े : मंत्रालय 

मंत्रालय ने कहा कि यह वायरस पहले से ही वैश्विक स्तर पर प्रसार में हैं. इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और इन्फ्लूएंजा के लिए गंभीर तीव्र श्वसन संबंधी बीमारी (एसएआरआई) के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली पहले से ही आईसीएमआर और आईडीएसपी नेटवर्क के माध्यम से भारत में स्थापित है. दोनों नेटवर्क से प्राप्त आंकड़े आईएलआई और एसएआरआई मामलों में किसी भी असामान्य वृद्धि को नहीं दर्शाते हैं.

साथ ही कहा कि अस्पतालों के चिकित्सकों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ हफ्तों में श्वसन रोगों के मामलों में सिवाय मौसमी परिवर्तन के कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है. 

देश श्‍वसन रोगों से निपटने के लिए तैयार : मंत्रालय

आईसीएमआर नेटवर्क एडेनोवायरस, आरएसवी, एचएमपीवी आदि जैसे अन्य श्वसन वायरस के लिए भी परीक्षण करता है और ये रोगाणु भी परीक्षण किए गए नमूनों में किसी भी असामान्य वृद्धि को नहीं दर्शाते हैं.

मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में पूरे देश में आयोजित तैयारी ड्रिल से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि देश श्वसन रोगों में किसी भी वृद्धि से निपटने के लिए अच्छी तरह से तैयार है. 



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Friday, 3 January 2025

चीन में फैल रहे HMPV वायरस को लेकर भारत अलर्ट, नहीं घबराने की सलाह भी दी

चीन में आये वायरस को लेकर लेकर भारत सरकार अलर्ट हो गई है. कोरोना वायरस के बाद चीन में HMPV वायरस के मामले सामने आए हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस वायरस के कारण चीन में लोगों को परेशानी हो रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के अस्पताल इस वायरस से ग्रसित मरीजों से भरे हुए हैं. इन तमाम वीडियो और फोटोज को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार काफी सतर्क हो गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र को निगरानी रखने के लिए कहा है. भारत में सांस संबंधी लक्षणों और इन्फ्लूएंजा के मामलों की बारीकी से निगरानी करने को कहा है. भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में है. भारत सरकार इस मामले पर कोताही ना बरतते हुए संज्ञान लिया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बारीकी से निगरानी कर रहा है 

सूत्रों ने बताया WHO से जुड़ी एक एजेंसी से मिले अपडेट के बाद16-22 दिसंबर के डेटा से पता चलता है कि चीन में मौसमी इन्फ्लूएंजा, राइनोवायरस, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) और ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) सहित तीव्र सांस से जुड़े संक्रमणों में वृद्धि हुई है.भारत सरकार इस वायरस पर निगरानी रख रहा है.

चीन अफवाह बता रहा है

चीन ने देश में बड़े पैमाने पर फ्लू के प्रकोप संबंधी खबरों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए शुक्रवार को कहा कि सर्दियों के दौरान होने वाली श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कम गंभीर हैं.
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशियों के लिए चीन की यात्रा करना सुरक्षित है.

मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने देश में ‘इन्फ्लूएंजा ए' और अन्य श्वसन रोगों के फैलने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, ‘‘सर्दियों के मौसम में श्वसन संक्रमण चरम पर होता है.''

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में चीन के अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ दिख रही है. निंग ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष की तुलना में ये बीमारियां कम गंभीर प्रतीत होती हैं और छोटे स्तर पर फैल रही हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि चीन सरकार चीनी नागरिकों और विदेशियों के स्वास्थ्य की परवाह करती है. चीन में यात्रा करना सुरक्षित है.''

मौसमी बीमारी है- चीन

निंग ने सर्दियों में श्वसन संबंधी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के संबंध में चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया. पिछले कुछ दिनों से विदेश में, खासकर भारत और इंडोनेशिया में चीन में बड़े पैमाने पर फ्लू फैलने की खबरें आ रही हैं. चीन में लोगों को पिछले कुछ महीनों से कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है.



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Thursday, 2 January 2025

यमन में केरल की बेटी निमिषा प्रिया को फांसी से बचाएगा ईरान? जानिए क्यों जागी उम्मीद

यमन के एक नागरिक की हत्या करने के आरोप में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के मामले में ईरान हरसंभव मदद करेगा. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. केरल में पलक्कड़ जिले के कोलेंगोड़े की रहने वाली प्रिया को जुलाई, 2017 में इस मामले में दोषी ठहराया गया था.

प्रिया (37) वर्तमान में यमन की राजधानी सना की जेल में बंद है. ईरानी अधिकारी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हम इस मुद्दे को उठाएंगे. ऐसा लगता है कि उस पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है. मानवीय आधार पर हम इस मामले में जो भी कर सकते हैं, करेंगे.''

यमन के नागरिक तलाल अब्दो महदी की मौत कथित तौर पर बेहोशी की दवा की ‘ओवरडोज' से हुई थी, जो प्रिया ने उससे अपना पासपोर्ट वापस पाने के लिए दी थी. खबरों के अनुसार, प्रिया को 2020 में एक निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी और यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में फैसले को बरकरार रखा था.

यमन के राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी ने कुछ दिन पहले प्रिया को मृत्युदंड की सजा को मंजूरी दी थी. भारत ने मंगलवार को कहा था कि वह यमन में मौत की सजा का सामना कर रही भारतीय नर्स के मामले में प्रासंगिक विकल्पों को तलाशने के लिए हरसंभव मदद मुहैया करा रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम हरसंभव सहायता मुहैया करा रहे हैं.'' उन्होंने कहा, ‘‘हम यमन में निमिषा प्रिया की सजा से अवगत हैं. हम समझते हैं कि प्रिया का परिवार प्रासंगिक विकल्पों पर विचार कर रहा है.''

जायसवाल ने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘‘सरकार इस मामले में हरसंभव मदद मुहैया करा रही है.'' इस समय यमन की राजधानी सना में मौजूद प्रिया की मां प्रेमा कुमारी ने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए भारत सरकार और जनता से भावुक अपील की है.

यमन से एक वीडियो संदेश में प्रेमा कुमारी ने केंद्र और अन्य प्राधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी अंतिम अपील है. उसके पास बस कुछ ही दिन बचे हैं. मैं केंद्र से विनती करती हूं कि उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करे.''



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दिल्ली की 'मंदिर' राजनीति : अब LG ने कहा- केजरीवाल ने 5 साल में 22 मंदिरों को गिराने की दी मंजूरी

दिल्ली में मंदिर गिराने की योजना को लेकर सियासत गरमा गई है. एलजी सचिवालय ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद मंदिरों को गिराने की सिफारिश की थी. इसके बाद दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल और सीएम आतिशी से माफी की मांग की है. इस मामले को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है.

'केजरीवाल ने की थी मंदिरों को गिराने की सिफारिश'
एलजी सचिवालय ने दावा किया है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 08 फरवरी 2023 को दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 09 मंदिरों को गिराने की सिफारिश की थी. इसके साथ ही, केजरीवाल और तत्कालीन गृह मंत्री मनीष सिसोदिया ने इन मंदिरों को गिराने के लिए धार्मिक समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी थी. इन 09 मंदिरों में से 7 करावल नगर में स्थित थे, जबकि 2 मंदिर न्यू उस्मानपुर में थे.

इससे पहले 23 जून 2016 को भी तत्कालीन गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 8 मंदिरों को गिराने की मंजूरी दी थी. लजी ऑफिस से मिले जानकारी के अनुसार 22 मंदिरों सहित 24 हिंदू धार्मिक संरचनाओं और सिर्फ 01 मुस्लिम धार्मिक संरचना को केजरीवाल और उनके मंत्रियों द्वारा 2016 से 2023 तक ध्वस्त करने की मंजूरी दी गई थी.

हालांकि, 17 जुलाई 2017 को सत्येंद्र जैन ने 'धार्मिक भावनाओं और संवेदनशीलता' का हवाला देते हुए धार्मिक समिति की सिफारिशों को खारिज कर दिया था, जिसमें दो अज्ञात मजारों को ध्वस्त करने की बात की गई थी. यह मजारें फिल्मिस्तान सिनेमा से डीसीएम चौक तक ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए हटानी थीं, जिसे उत्तरी रेलवे द्वारा एमसीडी को भूमि हस्तांतरित की गई थी.

सस्ती राजनीति से बचना चाहिए : एलजी सचिवालय
एलजी सचिवालय ने कहा कि इन तथ्यों को देखते हुए जो लोग सचिवालय के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपने बयान वापस ले लेने चाहिए, माफी मांगनी चाहिए और सस्ती राजनीति से बचना चाहिए.

इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने एलजी विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखा था. इस पत्र में कहा गया है कि एलजी साहब के आदेश पर मंदिरों और बौद्ध धार्मिक स्थलों को तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली में कोई भी मंदिर या धार्मिक स्थल नहीं तोड़ा जाए. 
 



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Wednesday, 1 January 2025

भुवनेश कुमार ने यूआईडीएआई के सीईओ का पदभार संभाला

भुवनेश कुमार ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का पदभार संभाल लिया है. एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई. कुमार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव भी बने रहेंगे.

उन्होंने अमित अग्रवाल का स्थान लिया है जिन्हें नया औषधि सचिव नियुक्त किया गया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘भुवनेश कुमार ने बुधवार को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार संभाल लिया.''

कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं. बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरूक्षेत्र से स्नातक और स्वर्ण पदक विजेता, कुमार ने केंद्र और अपने कैडर राज्य दोनों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है.''

इससे पहले, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया था. उत्तर प्रदेश में, उन्होंने पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया. वह उत्तर प्रदेश सरकार में सचिव वित्त, सचिव एमएसएमई, सचिव तकनीकी शिक्षा और भूमि राजस्व विभाग के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं.



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