Thursday, 4 July 2024

शुक्रवार को हाथरस जायेंगे राहुल गांधी, पीड़ितों से करेंगे मुलाकात : कांग्रेस नेता

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भगदड़ की घटना के मद्देनजर शुक्रवार को हाथरस का दौरा करेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसकी जानकरी दी. राय ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि गांधी पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे .

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, 'हमारे नेता राहुल गांधी शुक्रवार को हाथरस जाएंगे. वह घटनाओं के पीड़ितों के परिवार के सदस्यों से मिलेंगे.'

इससे पहले दिन में राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. मंगलवार को हाथरस में एक स्वयंभू संत के सत्संग में भगदड़ में 121 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए. घटना के बाद विपक्ष के किसी वरिष्ठ नेता का हाथरस का यह पहला दौरा होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हाथरस का दौरा किया था और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की थी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का दौरा करने की योजना है जहां दो दिन पहले एक सत्संग समारोह के दौरान भगदड़ में 121 लोग मारे गए थे.

कांग्रेस के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान प्रभावित लोगों से बात करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस की घटना के मामले में न्यायिक जांच की घोषणा की है.

पुलिस ने सत्संग के आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और उन पर सबूत छिपाने तथा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
 



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Wednesday, 3 July 2024

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने की 7वीं गिरफ्तारी, धनबाद से पकड़ा गया साजिशकर्ता

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले में कथित सह-साजिशकर्ता अमन सिंह को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक में शामिल झारखंड में सक्रिय मॉड्यूल के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सिंह को गिरफ्तार किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने छठी गिरफ्तारी की है.

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने इससे पहले हजारीबाग में स्थित ओएसिस स्कूल के प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य और कथित तौर पर नीट परीक्षार्थियों को ठहरने के लिए वह फ्लैट उपलब्ध कराने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था, जहां से बिहार पुलिस ने जले हुए प्रश्नपत्र बरामद किए थे.

सीबीआई ने इस मामले में छह प्राथमिकी दर्ज की है. बिहार में दर्ज प्राथमिकी प्रश्न पत्र लीक होने से संबंधित है, जबकि गुजरात और राजस्थान में दर्ज प्राथमिकी परीक्षार्थी के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति के परीक्षा देने और धोखाधड़ी से संबंधित हैं.

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट-यूजी का आयोजन करती है.

इस साल पांच मई को 571 शहरों के 4,750 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें 14 विदेशी शहर भी शामिल थे. इस परीक्षा में लगभग 24 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे.

कुल 67 छात्रों ने पूरे 720 अंक प्राप्त किए थे, जो एनटीए के इतिहास में अभूतपूर्व है. हरियाणा के एक कोचिंग सेंटर के छह छात्रों ने पूरे 720 अंक हासिल किए थे, जिससे परीक्षा में अनियमितताओं का संदेह पैदा हुआ. आरोप है कि ‘ग्रेस मार्क्स' (कृपांक) दिए जाने की वजह से 67 छात्रों ने पूरे 720 अंक हासिल किए.



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Tuesday, 2 July 2024

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में किए महत्‍वपूर्ण बदलाव, राजिंदर खन्‍ना बने एडिशनल NSA

केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (National Security Council Secretariat) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें डिप्टी एनएसए राजिंदर खन्ना (Rajinder Khanna) को एडिशनल एनएसए के रूप में पदोन्नत किया गया है और इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक टीवी रविचंद्रन (TV Ravichandran) को डिप्टी एनएसए नियुक्त किया गया है. सरकार के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, "अब एनएसए अजीत डोभाल पीएम मोदी की पूरी मदद करने के लिए स्वतंत्र हैं और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों को अतिरिक्त एनएसए द्वारा संभाला जाएगा."

वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "राजेंद्र खन्ना की पदोन्नति का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में निरंतरता बनाए रखना भी है.” 

इसके साथ ही उन्‍होंने कहा, "इंटेलीजेंस ब्‍यूरो के निदेशक तपन डेका को एक साल के लिए विस्तार दिए जाने के साथ ही सरकार ने टीवी रविचंद्रन को डिप्टी एनएसए के रूप में नियुक्‍त किया है.” 

रॉ सर्विस के 1978 बैच के अधिकारी हैं खन्ना

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग सर्विस (Research and Analysis Wing Service) के 1978 बैच के अधिकारी खन्ना ने दिसंबर 2014 से दिसंबर 2016 तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) प्रमुख के रूप में कार्य किया. इससे पहले, वह एजेंसी में संचालन डेस्क के प्रभारी थे. खन्‍ना को पाकिस्तान और आतंकवाद निरोधक अपनी विशेषज्ञता के लिए पहचाना जाता है. 

जनवरी 2018 में डिप्टी एनएसए के रूप में नियुक्त खन्ना ने पहले प्रौद्योगिकी और इंटेलिजेंस अनुभाग का नेतृत्व किया था. 

1990 बैच के अधिकारी हैं टीवी रविचंद्रन

इंटेलिजेंस ब्यूरो में विशेष निदेशक रविचंद्रन को डिप्टी एनएसए नियुक्त किया गया है. 1990 बैच के अधिकारी रविचंद्रन वर्तमान में दक्षिण भारत के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें अगस्त 2024 में रिटायर होना था. वहीं दूसरे डिप्टी एनएसए पंकज सिंह हैं, जिन्हें जनवरी 2023 में दो साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया था. 

अशरफ ले सकते हैं मिस्री की जगह 

हाल ही में 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी विक्रम मिस्री को विदेश सचिव नियुक्त किया गया. वह विनय क्वात्रा का स्थान लेंगे, जिन्हें अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किये जाने की संभावना है. 

पेरिस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ के डिप्‍टी एनएसए के रूप में मिस्री की जगह लेने की उम्मीद है. 

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में संचालित होता है और एनएसए अजीत डोभाल सचिव के रूप में कार्य करते हैं, जो आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से संबंधित सभी मामलों के लिए शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करता है.

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बेकाबू बस ने सड़क किनारे खड़ी महिलाओं को कुचला, एक की मौत, 5 घायल

उत्तराखंड (Uttarakhand) के रुद्रपुर की काशीपुर रोड पर एक बेकाबू बस ने सड़क किनारे खड़ी महिलाओं को कुचल दिया. हादसे के बाद घायलों को जिला अस्‍पताल ले जाया गया, जहां पर एक महिला को डॉक्‍टरों ने मृत घोषित कर दिया और पांच महिलाओं का इलाज किया जा रहा है. हादसे की यह घटना पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. पुलिस ने मृतक महिला का शव पोस्‍टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

जानकारी के मुताबिक, रुद्रपुर के काशीपुर रोड पर एलाइंस कॉलोनी के सामने कुछ महिलाएं ऑटो का इंतजार कर रही थीं, इसी दौरान एक अनियंत्रित बस आती है और महिलाओं को टक्‍कर मारते हुए आगे बढ़ जाती है. हादसे में छह महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दुर्घटना का वीडियो 

इस हादसे का एक वीडियो भी आया है, जिसमें नजर आ रहा है कि एक स्‍कूल बस सड़क के किनारे खड़ी महिलाओं को कुचलते हुए आगे बढ़ जाती है. इस दौरान बस पास ही खड़े कुछ ठेलों को भी अपने चपेट में ले लेती है.

साथ ही वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ महिलाएं बस की चपेट में आने से बाल-बाल बच जाती हैं. वहीं कई लोग हादसे की भीषणता को देखकर सहम जाते हैं. अब सोशल मीडिया में यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. 

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने घायलों से की मुलाकात 

पुलिस ने इस मामला दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने मृतक महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जिले के एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली.

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Monday, 1 July 2024

कब कौन किस पर पड़ा भारी! लोकसभा में 'मोदी vs राहुल' की पूरी स्टोरी जानिए

राहुल गांधी सोमवार को खूब सुर्खियों में रहे. लोकसभा में उनके भाषण पर दिन भर माहौल गरमाया रहा. राहुल गांधी की "नमस्ते" वाली शिकायत का खुद प्रधानमंत्री ने जवाब दिया. इसके बाद राहुल गांधी ने "हिंदुओं और भगवान शिव" पर बयान दे दिया. इस पर अमित शाह से लेकर राजनाथ सिंह तक ने आपत्ति जताई. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि राहुल गांधी के बयान पर बवाल मचा हो, ऐसा पहले भी हो चुका है. राहुल गांधी और प्रधानमंत्री मोदी की वन टू वन भी संसद में कई बार हुई और इसके मीम्स तक बन चुके हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हैं. यहां पढ़ें दोनों के बीच कब-कब और क्या हुए लोकसभा में संवाद...

बात साल 2018 की है. संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर एक-एक कर कई सारे आरोप लगाए और सरकार को कटघरे में खड़ा किया. लोकसभा का पूरा माहौल गर्म था और राहुल गांधी काफी गंभीर नजर आ रहे थे. इसके बाद अचानक राहुल गांधी कहने लगे कि आप मुझे गाली दे सकते हैं, आप मुझे पप्पू कह सकते हैं, मगर मेरे भीतर किसी तरह की घृणा नहीं है. मैं आपके भीतर से घृणा को निकाल फेंकूंगा और प्यार भर दूंगा. यह कहते हुए राहुल गांधी सीधे अपनी जगह से पीएम मोदी के पास चले गये और उनसे हाथ मिलाया. फिर गले मिले. पीएम मोदी पहले तो थोड़े असमंजस में दिखे लेकिन फिर गर्मजोशी से राहुल गांधी से मिले. इसके बाद राहुल गांधी अपनी सीट पर आए और बगल में बैठे सांसद को देखकर आंख मार दी. बाद में पीएम मोदी ने भी आंख मारने वाले पर जवाब देते हुए कहा था, "पूरे देश ने आंखों की आंखमिचौली देखी है." यह प्रकरण खूब चर्चा का विषय बना था.

इससे पहले दिसंबर 2016 में नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा था कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा. संसद में उन्हें बोलने दिया गया तो भूकंप आ जाएगा. इसका जवाब प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2017 में राष्ट्रपति के अभिभाषण की चर्चा के दौरान दिया. उन्होंने कहा, "कल भूकंप आया, आ ही गया. आखिर भूकंप आ ही गया. मैं सोच रहा था कि भूकंप आया कैसे? क्योंकि धमकी तो बहुत पहले सुनी थी. कोई तो कारण होगा कि धरती मां इतना रूठ गईं." इन दोनों मामलों का फरवरी 2019 में भी पीएम मोदी ने जिक्र किया. संसद में पीएम मोदी ने कहा कि मैं भी पहली बार संसद में चुनकर आया था, यहां कई ऐसी बातें देखीं, जो पहले अनुभव नहीं की थी. लोकसभा में भूकंप आने की बातें कहीं गईं. हवाई जहाज उड़ाए गए, लेकिन 5 साल में न भूकंप आया और न किसी हवाई जहाज की उड़ान संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा को छू पाई.  पहली बार मुझे इस सदन में आकर पता चला कि गले मिलने और गले पड़ने में क्या अंतर है. सदन में आंखों की गुस्ताखियां भी होती हैं. यह भी पहली बार पता चला.

पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में भी राहुल गांधी पर लोकसभा में भाजपा की महिला सांसदों की तरफ देखकर फ्लाइंग किस करने का वाक्या चर्चा में रहा. अगस्त 2023 में हुई घटना पर भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से लिखित शिकायत भी की थी. इसी तरह मोदी के दूसरे कार्यकाल के अंत में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने तमाम मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा था. इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी पर आपत्तिजनकर बात कह दी. उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान की आवाज नहीं सुनते. दो लोगों की आवाज सुनते हैं. रावण भी दो लोगों की सुनता था. वैसे ही नरेंद्र मोदी सिर्फ दो लोगों की सुनते हैं." इसका जवाब दूसरे दिन पीएम मोदी ने दिया. राहुल गांधी के नाम का जिक्र किए बगैर पीएम मोदी ने कहा, "इनका मोदी प्रेम जबरदस्त है. इनके सपने में भी मोदी आता है. अगर मोदी भाषण करते वक्त पानी पी ले तो सीना तानकर कहेंगे कि देखिए मोदी को पानी पिला दिया. अगर मैं धूप में जनता दर्शन को जाऊं तो कहेंगे मोदी को पसीना ला दिया. कांग्रेस बरसों से एक ही प्रोजेक्ट को लॉन्च करती है लेकिन हर बार वह फेल हो जाता है."

आज फिर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर लोकसभा में टिप्पणी की. राहुल गांधी ने लोकसभा में आज कहा, "मैं आपको बताता हूं, आज सुबह मैं आया. राजनाथ सिंह जी ने मुस्‍कुराकर के मुझे नमस्‍ते की. मोदी जी बैठे हैं तो मुस्‍कुराहट नहीं, सीरियस रहते हैं. नमस्‍ते भी नहीं करते हैं. कहीं मोदी जी न देख लें. वही कहानी गडकरी जी की है. अरे भई अयोध्‍या की जनता को छोड़ो ये तो बीजेपी वालों को डराते हैं." इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खड़े होकर कहा "लोकतंत्र ने और संविधान ने मुझे सिखाया है कि मुझे विपक्ष के नेता को गंभीरता से लेना चाहिए."

इसके बाद राहुल गांधी ने हिंदुओं और भगवान शिव को लेकर बयान दे दिए. जिसपर जमकर हंगामा हुआ. अब आज पीएम मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा करेंगे. कांग्रेस और राहुल गांधी खुद भी इस इंतजार में होंगे कि प्रधानमंत्री मोदी आज क्या कहेंगे. 



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मां सोनिया गांधी को दिया सहारा, बहन प्रियंका पर लुटाया प्यार, जब संसद में 'फैमिली मैन' बने राहुल गांधी

18वीं लोकसभा के पहले सत्र के 6 दिन हो चुके हैं. सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर जोरदार चर्चा हुई. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हिंदू और हिंदुत्व के मुद्दे पर BJP पर जमकर हमले किए. खुद पीएम मोदी ने अपनी जगह से 2 बार उठकर आपत्ति दर्ज कराई. गृह मंत्री अमित शाह समेत 5 केंद्रीय मंत्रियों ने भी राहुल के बयान का विरोध किया. इस बीच लोकसभा में लंच ब्रेक के समय राहुल गांधी का 'फैमिली मैन' वाला वर्जन भी सामने आया.

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संसद भवन में आज सोनिया गांधी, बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ देखी गईं. रायबरेली सीट छोड़ने के बाद सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुनी गई हैं. राहुल गांधी इस बार रायबरेली से चुनकर संसद पहुंचे हैं. प्रियंका गांधी केरल की वायनाड सीट से उपचुनाव लड़ने वाली हैं. प्रियंका अभी संसद की सदस्य नहीं हैं. वो अपनी मां से मिलने संसद भवन पहुंची थीं. 

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संसद परिसर में की सीढ़ियां उतरते वक्त राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी को सहारा दिया. राहुल ने अपनी मां को पीछे से पकड़े रखा था. जबकि दूसरी ओर प्रियंका भी अपनी मां को सहारा देते दिखीं.

एक अन्य तस्वीर में राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को प्यार से गाल पर चूमते दिख रहे हैं. राहुल को कई मौके पर अपनी बहन के साथ अच्छी बॉन्डिंग पेश करते देखा जा चुका है.

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Sunday, 30 June 2024

देश में आज से आएगा बड़ा बदलाव, नए कानूनों की हर एक बात जानिए...

देश में सोमवार, 1 जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. कानून की यह संहिताएं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई हैं तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं. कानून में नई धाराएं शामिल होने के बाद पुलिस, वकील और अदालतों के साथ-साथ आम लोगों के कामकाज में भी काफी बदलाव आ जाएगा. 

वे मामले जो एक जुलाई से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच और ट्रायल पर नए कानून का कोई असर नहीं होगा. एक जुलाई से सारे अपराध नए कानून के तहत दर्ज होंगे. अदालतों में पुराने मामले पुराने कानून के तहत ही सुने जाएंगे. नए मामलों की नए कानून के दायरे में ही जांच और सुनवाई होगी. अपराधों के लिए प्रचलित धाराएं अब बदल चुकी हैं, इसलिए अदालत, पुलिस और प्रशासन को भी नई धाराओं का अध्ययन करना होगा. लॉ के छात्रों को भी अब अपना ज्ञान अपडेट करना होगा.  

बदल गए न्याय संहिताओं के नाम

  • इंडियन पीनल कोड (IPC) अब हुई भारतीय न्याय संहिता  (BNS)
  • कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) अब हुआ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)
  • इंडियन एविडेंस एक्ट (IEA) अब हुआ भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में हुए अहम बदलाव

  • भारतीय दंड संहिता (CrPC) में 484 धाराएं थीं, जबकि  भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में531 धाराएं हैं. इसमें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑडियो-वीडियो के जरिए साक्ष्य जुटाने को अहमियत दी गई है. 
  • नए कानून में किसी भी अपराध के लिए अधिकतम सजा काट चुके कैदियों को प्राइवेट बॉन्ड पर रिहा करने की व्यवस्था है.
  • कोई भी नागरिक अपराध होने पर किसी भी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करा सकेगा. इसे 15 दिन के अंदर मूल जूरिडिक्शन, यानी जहां अपराध हुआ है, वाले क्षेत्र में भेजना होगा.
  • सरकारी अधिकारी या पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित अथॉरिटी 120 दिनों के अंदर अनुमति देगी. यदि इजाजत नहीं दी गई तो उसे भी सेक्शन माना जाएगा.
  • एफआईआर दर्ज होने के 90 दिनों के अंदर आरोप पत्र दायर करना जरूरी होगा. चार्जशीट दाखिल होने के बाद 60 दिन के अंदर अदालत को आरोप तय करने होंगे. 
  • केस की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के अंदर अदालत को फैसला देना होगा. इसके बाद सात दिनों में फैसले की कॉपी उपलब्ध करानी होगी.
  • हिरासत में लिए गए व्यक्ति के बारे में पुलिस को उसके परिवार को ऑनलाइन, ऑफलाइन सूचना देने के साथ-साथ लिखित जानकारी भी देनी होगी.
  • महिलाओं के मामलों में पुलिस को थाने में यदि कोई महिला सिपाही है तो उसकी मौजूदगी में पीड़ित महिला का बयान दर्ज करना होगा.   

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में कुल 531 धाराएं हैं. इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है. इसके अलावा 14 धाराएं खत्म हटा दी गई हैं. इसमें  9 नई धाराएं और कुल 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं. अब इसके तहत ट्रायल के दौरान गवाहों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज हो सकेंगे. सन 2027 से पहले देश के सारे कोर्ट कम्प्यूरीकृत कर दिए जाएंगे.

भारतीय साक्ष्य अधिनियम   (BSA) में आया परिवर्तन

भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं. अब तक इंडियन एविडेंस एक्ट में 167 धाराएं थीं. नए कानून में 6 धाराएं निरस्त कर दी गई हैं. इस अधिनियम में दो नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं. इसमें  गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है. दस्तावेजों की तरह इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कोर्ट में मान्य होंगे. इसमें ई-मेल, मोबाइल फोन, इंटरनेट आदि से मिलने वाले साक्ष्य शामिल होंगे.

भारतीय न्याय संहिता  (BNS) में किए गए बदलाव

आईपीसी में जहां 511 धाराएं थीं, वहीं बीएनएस में 357 धाराएं हैं. 

महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराध : इन मामलों को धारा 63 से 99 तक रखा गया है. अब रेप या बलात्कार के लिए धारा 63 होगी. दुष्कृत्य की सजा धारा 64 में स्पष्ट की गई है. सामूहिक बलात्कार या गैंगरेप के लिए धारा 70 है. यौन उत्पीड़न को धारा 74 में परिभाषित किया गया है. नाबालिग से रेप या गैंगरेप के मामले में अधिकतम सजा में फांसी का प्रावधान है. दहेज हत्या और दहेज  प्रताड़ना को क्रमश : धारा 79 और 84 में परिभाषित किया गया है. शादी का वादा करके यौन संबंध बनाने के अपराध को रेप से अलग रखा गया है. यह अलग अपराध के रूप में परिभाषित किया गया है.

हत्या : मॉब लिंचिंग को भी अपराध के दायरे में लाया गया है. इन मामलों में 7 साल की कैद, आजीवन कारावास या फांसी का प्रावधान किया गया है. चोट पहुंचाने के अपराधों को धारा 100 से धारा 146 तक में परिभाषित किया गया है. हत्या के मामले में सजा धारा 103 में स्पष्ट की गई है. संगठित अपराधों के मामलों में धारा 111 में सजा का प्रावधान है. आंतकवाद के मामलों में टेरर एक्ट को धारा 113 में परिभाषित किया गया है.

वैवाहिक बलात्कार : इनमामलों में यदि पत्नी 18 साल से अधिक उम्र की है तो उससे जबरन संबंध बनाना रेप (मैराइटल रेप ) नहीं माना जाएगा.  यदि कोई शादी का वादा करके संबंध बनाता है और फिर वादा पूरा नहीं करता है तो इसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है. 

राजद्रोह :  बीएनएस में राजद्रोह के मामले में अलग से धारा नहीं है, जबकि आईपीसी में राजद्रोह कानून है. बीएनएस में ऐसे मामलों को धारा 147-158 में परिभाषित किया गया है. इसमें दोषी व्यक्ति को उम्रकैद या फांसी का प्रावधान है.   

मानसिक स्वास्थ्य : मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने को क्रूरता माना गया है. इसमें दोषी को 3 साल की सजा का प्रावधान है.

चुनावी अपराध : चुनाव से जुड़े अपराधों को धारा 169 से 177 तक रखा गया है.   

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