Tuesday, 6 February 2024

सलमान खान ने बदल डाली अपनी पूरी काया, ट्रांसफॉर्मेशन देख हक्के-बक्के रह गए फैन्स, बोले- फॉर्म में आए भाईजान

सलमान खान का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोलता है, वो कुछ भी करें उनके फैंस उनके दीवाने हो जाते हैं. वहीं इन दिनों हर तरफ सलमान के फिजिकल ट्रांसफॉर्मेंशन की चर्चा हो रही है. सलमान खान की सोशल मीडिया पर शेयर हुई कुछ लेटेस्ट तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं. तस्वीरों में सलमान अपने अपने मुंबई रेजिडेंट गैलेक्सी अपार्टमेंट में एक फैन के साथ पोज देते हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीरों में सलमान खान का जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन नजर आ रहा है, जो सभी का ध्यान खींच रहा है.

बदले-बदले दिखे सलमान

एक्स पर तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘बहुत फिट दिख रहे हैं. मेगास्टार सलमान खान आज.' एक तस्वीर में सलमान के साथ उनके पिता और दिग्गज राइटर सलीम खान भी नजर आ रहे हैं. ब्लैक कलर का वेस्ट और डेनिम जींस में सलमान बेहद फिट नजर आ रहे हैं, उन्होंने सिर पर ग्रे कलर की कैप भी लगा रही है, जो उनके कूल लुक को कंप्लीट कर रहा है. सलमान ये ट्रांसफॉर्मेशन देख फैंस हैरान हैं. पोस्ट पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा "भाई हमेशा फिट और फाइन रहते हैं." वहीं दूसरे ने लिखा, आपकी की फिटनेस के लोग इसलिए दीवाने हैं.

इस फिल्म में दिखेंगे सलमान

खबरों के अनुसार, सलमान खान अगली बार निर्देशक विष्णुवर्धन की आगामी फिल्म द बुल में दिखाई देंगे. इसके पहले उन्हें कैटरीना कैफ के साथ टाइगर 3 में देखा गया था. फिल्म ने 400 करोड़ से अधिक की कमाई की थी और 2023 की सबसे सफल फिल्मों में शामिल थी. 



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Monday, 5 February 2024

चिली में खाक हुए कई शहर, जिंदा जले सैंकड़ों लोग और जानवर... जाने- कैसे जंगल की आग ने मचाई तबाही

भीषण गर्मी के बीच साउथ अमेरिकी देश चिली के जंगलों में आग (Chile Wildfires)लगने से तबाही मची हुई है. जंगलों से रिहाइशी इलाकों तक फैले आग में अब तक 122 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. सैकड़ों लोग लापता भी हैं. आग में अब तक 1100 से ज्यादा घर जल गए है. गंभीर हालत को देखते हुए चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने देश में आपातकाल (National Emergency)की घोषणा कर दी है. चिली में दो दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान भी हुआ है. ये आग कब लगी इसकी जानकारी नहीं है.

'न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक, चिली में 14 साल बाद ऐसी तबाही देखने को मिली है. 2010 में यहां भूकंप आया था. इसमें 400 लोगों की मौत हो गई थी। 15 लाख लोग बेघर हुए थे. आइए जानते हैं आखिर चिली के जंगलों में कैसे लगी आग और क्यों मची ऐसी तबाही...    

जंगल में कैसे लगती है आग?
आग जलने के लिए हीट, फ्यूल और ऑक्सीजन जरूरी होते हैं. जंगल में ऑक्सीजन हवा में ही मौजूद होती है. पेड़ों की सूखी टहनियां और पत्ते फ्यूल का काम करते हैं. वहीं, एक छोटी चिंगारी हीट का काम कर जाती है. गर्मी के मौसम में एक हल्की चिंगारी ही पूरे जंगल को आग की चपेट में लेने के लिए काफी होती है. फिर देखते ही देखते आग फैल जाती है. यहां तक कि पूरे गांव या शहर को अपनी चपेट में ले लेती है.

चिली के जंगलों में क्यों लगती है आग?
मौसम पैटर्न एल नीन्यो (El Nino effect) के चलते दक्षिण अमेरिका में कई हिस्सों में सूखा और उच्च तापमान देखे गए. इससे जंगल की आग का खतरा बढ़ जाता है. फरवरी की शुरुआत से ही चिली में तापमान बहुत बढ़ गया और हवा में रूखापन था. इस वजह से जंगल में आग लग गई.

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आग इतनी तेजी से क्यों फैली? 
चिली में गर्मी पूरे जोरों पर है. पिछले सप्ताह से भयंकर लू के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फॉरेनहाइट) तक पहुंच गया है. शुक्रवार को चिली की राजधानी सैंटियागो से लगभग 120 किलोमीटर (74 मील) दूर, समुद्र तटीय शहर विना डेल मार और तटीय वालपराइसो क्षेत्र के अन्य स्थानों पर स्थित पहाड़ों में कई आग लग गई. तटीय क्षेत्र की पहाड़ी ढलानों पर आग की लपटें हवा की ओर तेजी से बढ़ती हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है.

आग में कहां हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
विना डेल मार (vina del mar) और वालपराइसो शहर (Valparaíso City) आग की लपटों में सबसे बुरे फंसे हुए हैं. दोनों तटीय शहर लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण हैं. वहां 10 लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं. न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' के ड्रोन फुटेज में पूरा शहर झुलसा हुआ दिखाई दे रहा है. रहने वाले जले हुए घरों में अपना बचा-खुचा सामान तलाश रहे हैं. गाड़ियां सड़कों पर जली पड़ी हैं.

अब तक कितने लोगों की गई जान?
न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 फरवरी की दोपहर तक 99 शव बरामद किए हैं, जिनमें 32 की पहचान हो चुकी है. अब तक 112 लोगों की मौत की खबर है, लेकिन शव बरामद नहीं हुए हैं. अकेले विला इंडिपेंडेंसिया के एक घर में 19 लोग मारे गए. यहां परिवार लकड़ी जैसी हल्की सामग्री से बने घरों में रहते हैं. देश की राष्ट्रीय आपदा सेवा के मुताबिक, 4 फरवरी की दोपहर तक मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में लगभग 64,000 एकड़ ज़मीन जल चुकी है. 

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क्या आग की वजह सिर्फ भीषण गर्मी?
अधिकारी इस संभावना की जांच कर रहे हैं कि आग जानबूझकर लगाई गई थी? राष्ट्रीय वानिकी निगम (कोनाफ) के अनुसार, देश में 99.7 प्रतिशत आग जानबूझकर या लापरवाही से लगाई जाती है. प्रोफेसर कैस्टिलो ने कहा, "चिली में जानबूझकर आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसी घटनाओं में 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. हालांकि, इन मामलों में अपराधी शायद ही कभी पकड़े जाते हैं.

क्या क्लाइमेट चेंज भी इसके लिए जिम्मेदार है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि ह्यूमन एक्टिविटी की वजह से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग भी आग के हादसों के लिए जिम्मेदार है. दुनिया के इस हिस्से में अल नीनो मौसम की घटना का प्रभाव भी तेज हो गया है. दरअसल, अल नीनो प्रशांत महासागर के तापमान को बढ़ाता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है और कुछ क्षेत्रों में सूखा पड़ता है.

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हाल ही में 'नेचर' जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में क्लाइमेटोलॉजिस्ट राउल कोर्डेरो ने कहा, "उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र (Tropical Pacific) में सिर्फ कुछ डिग्री का बदलाव हल्के जंगल की आग और व्यापक तबाही के बीच अंतर पैदा कर सकता है."

आग की घटनाओं से कैसे निपट रहा चिली?
चिली के अधिकारियों ने आग प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. आग को फैलने से रोकने के लिए फायर फाइटर्स की मदद के लिए सेना को भेजा गया है. 31 फायर ब्रिगेड हेलीकॉप्टर्स आग की लपटों को बुझाने के लिए पानी गिरा रहे हैं. लगातार करीब 1400 फायर टेंडर, 1300 सैनिकों और वॉलन्टियर आग बुझाने में जुटे हुए हैं. आग में 1100 से ज्यादा घर जल गए है.

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Sunday, 4 February 2024

राज्य शासन में केंद्र का हस्तक्षेप संघवाद के सिद्धांत को कमजोर करता है: कांग्रेस अध्यक्ष खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य शासन में उसका हस्तक्षेप और राज्यों की राजनीतिक स्वायत्तता को कमजोर करने का प्रयास संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करता है. खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार न केवल राज्य सरकारों को परेशान कर रही है, बल्कि देश की गरीब जनता और महिलाओं को कुचल भी रही है.

खरगे केरल के त्रिशूर जिले में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) द्वारा आयोजित एक जनसभा में बोल रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं में पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसी राजनीतिक कौशल की कमी है.

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, ‘‘राज्य शासन और स्वायत्त निकायों में केंद्र का हस्तक्षेप संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करता है, जिसमें राज्यपालों का हस्तक्षेप और राज्यों की राजनीतिक स्वायत्तता को कम करने का प्रयास शामिल है.''

खरगे ने यहां एकत्रित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संवैधानिक अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने अधिकारों की रक्षा करने और अपने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बनाए रखने के लिए एकजुट होना चाहिए. केरल में यूडीएफ गठबंधन के साथ कांग्रेस पार्टी इन हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.''

उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी ने गरीबों, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग की आबादी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है. कांग्रेस नेता खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन ने सार्वजनिक क्षेत्र को पूरी तरह से खत्म करने और केवल निजी क्षेत्र को समर्थन देने का फैसला किया है.

खरगे ने कहा कि देश में मौजूद बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के संयोजन ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में गरीबों के संघर्ष को बदतर बना दिया है.

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Saturday, 3 February 2024

खेसारी लाल यादव से लेकर पवन सिंह तक लग्जरी कारों के शौकीन हैं ये भोजपुरी स्टार्स, करोड़ों की गाड़ियों में दिखाते हैं टशन

भोजपुरी इंडस्ट्री ग्लैमर और एंटरटेनमेंट का एक पावरफुल पैकेज है. इस इंडस्ट्री में काम करने वाले स्टार्स की अपनी खास फैन फॉलोइंग है और लोग इनके लिए पागल हैं. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में भोजपुरी इंडस्ट्री को नई पहचान मिली है और इसमें काम करने वालों की कमाई भी खूब हुई है. आज भोजपुरी स्टार्स किसी बॉलीवुड सेलिब्रिटी से कम आलीशान जिंदगी नहीं जीते. कई भोजपुरी कलाकार ऐसे हैं जो काफी लग्जीरियस लाइफ जीते हैं. अब लग्जरी की बात हो और महंगी गाड़ियों का जिक्र ना हो ऐसा कैसे हो सकता है. कई भोजपुरी स्टार्स के पास अपनी लग्जरी कारों का कलेक्शन है.

खेसारी लाल यादव की डिफेंडर
खेसारी लाल यादव भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक हैं. उन्हें भी लग्जरी कारों का शौक है यही वजह है कि हाल ही में उन्होंने अपने लिए लैंड रोवर की डिफेंडर खरीदी है. इस कार को देखते ही आपकी आंखें इस पर टिक जाएंगी. ये लग्जरी कार तो है लेकिन इससे आप ऑफ रोड ड्राइविंग भी कर सकते हैं. इसकी कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा है. खेसारी लाल के पास फॉर्च्यूनर जैसी कारें पहले से मौजूद हैं.

निरहुआ के पास भी महंगी कारें
निरहुआ उर्फ दिनेश लाल यादव के पास भी कई महंगी कारों का कलेक्शन है. उनके पास करोड़ों की रेंज रोवर और फॉर्च्यूनर जैसी कारें हैं. निरहुआ को इन कारों में कई बार देखा जा चुका है. उनके फैंस उन्हें काफी पसंद करते हैं और उनके बारे में हर जानकारी दिलचस्पी के साथ पढ़ते हैं.

पवन सिंह का भी शानदार कलेक्शन
भोजपुरी इंडस्ट्री में पवन सिंह को सबसे महंगे एक्टर्स में गिना जाता है. पवन सिंह के पास लाखों रुपये की कारों का कलेक्शन है, वो हर बार अपनी अलग कार में नजर आ जाते हैं. उनके पास मर्सिडीज बेंज से लेकर फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसी कारें हैं.

 रवि किशन और मनोज तिवारी भी महंगी कारों के शौकीन 
इन एक्टर्स के अलावा भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रवि किशन और मनोज तिवारी के पास भी कई महंगी कारें हैं. रवि किशन के कलेक्शन में जैगुआर से लेकर मर्सिडीज तक शामिल है वहीं मनोज तिवारी के पास ऑडी, इनोवा और हॉन्डा सिटी जैसी कारें हैं.



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Friday, 2 February 2024

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बेरोजगारी पर एक शब्द भी नहीं बोला : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश करते हुए बेरोजगारी के बारे में एक शब्द नहीं बोला. प्रियंका गांधी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘दिन पर दिन महंगाई बढ़ती जा रही है और इसका सबसे ज़्यादा बोझ महिलाएं उठाती हैं. दूसरी तरफ, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और कार्यस्थल पर भी उनके साथ भेदभाव होता है.''

उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी एजेंसी पीएलएफएस के अनुसार, महिला अस्थायी कामगारों को एक जैसे काम के लिए पुरुषों की तुलना में 48 प्रतिशत कम पैसे मिलते हैं. वहीं, स्थायी महिला कामगारों को पुरुषों के मुकाबले 24 प्रतिशत कम पैसे मिलते हैं.''

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों के बीच, सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि इन विसं​गतियों को दूर करने के लिए बजट में कोई बात नहीं की गई.''

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘भारत की जनता जिन दो सबसे बड़ी मुसीबतों का सामना कर रही है, वो है बेरोजगारी और महंगाई. केंद्र सरकार के बजट में इन दोनों मुसीबतों से निपटने के क्या उपाय हुए?''

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया, ‘‘बेरोजगारी सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है. आईआईएम और आईआईटी जैसे देश के बड़े-बड़े संस्थान प्लेसमेंट की चुनौती से जूझ रहे हैं. बजट में नई नौकरियां सृजित करने और बेरोजगारी से निपटने का न तो कोई विजन है, न कोई योजना. सबसे बड़ा दुर्भाग्य कि वित्त मंत्री जी ने बेरोजगारी पर एक भी शब्द नहीं बोला.''

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इसी तरह, महंगाई से जूझ रही आम जनता को भी इस बजट से निराशा हाथ लगी. उन्होंने कहा, ‘‘आम गरीब और मध्यम वर्ग पिछले दस सालों से राहत के इंतजार में है. मध्यम वर्ग को कोई टैक्स राहत नहीं दी गई. महंगाई और बेरोजगारी रोक पाने में नाकाम भाजपा सरकार ने हर वर्ग को निराश किया है.''



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Thursday, 1 February 2024

Budget 2024: मोदी सरकार देगी 2 करोड़ आवास, उद्योग जगत ने किया वित्त मंत्री के ऐलान का स्वागत

Budget 2024: भारत सरकार नए वित्तीय साल में ग्रामीण इलाकों में कच्चे घरों में रह रहे गरीब परिवारों के नए 2 करोड़ नए घरों का निर्माण करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट में इस अहम फैसले का ऐलान किया है. उद्योग जगत ने वित्त मंत्री के इस ऐलान का स्वागत किया है.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड की चुनौतियों के बावजूद पीएम आवास योजना (ग्रामीण) का कार्यान्वयन जारी रहा. हम तीन करोड़ घरों के लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब हैं. परिवारों की संख्या में वृद्धि की वजह से उनकी आवश्यकता को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में दो करोड़ और घर बनाए जाएंगे.

PM आवास योजना (ग्रामीण) का विस्तार पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवंटन 66% बढाकर 79000 करोड़ कर दिया था. मौजूदा वित्तीय साल के दौरान 31 मार्च, 2024 तक गरीब ज़रुरतमन्दों के लिए 2.95 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य तय है. अगले पांच साल में 2 करोड़ और नए घर ग्रामीण इलाकों में बनेंगे.

एनडीटीवी ने जब अंतरिम बजट पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान वित्त मंत्री से इस बजतीय प्रस्ताव के बारे में पुछा तो उन्होंने कहा कि सरकार नए घर बनाने के लक्ष्य के करीब पहुंच गई है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि करीब 3 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य इस साल पूरा होने वाला है. वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने कहा कि इस पर कितने खर्च होंगे. इसका प्रावधान बजट में शामिल किया गया है.

सरकार का आंकलन है कि पीएम आवास योजना के तहत गरीब ज़रूरतमंदों के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में घरों के निर्माण से न सिर्फ गरीबों को पक्का घर मिला, बल्कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े उद्योगों को फायदा हुआ और ग्रामीण इलाकों में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा हुए. यही वजह है कि सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत 2 करोड़ और नए घरों का निर्माण करने का फैसला किया है. 

उद्योग संघ CII ने अपने प्री-बजट मेमोरेंडम में प्रधान मंत्री आवास योजना पर बजट आवंटन बढ़ाने का सुझाव दिया था. अब CII अध्यक्ष कहते हैं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी ये अहम साबित होगा. CII अध्यक्ष ने कहा कि हम खुश हैं कि प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत अगले पांच साल में 2 करोड़ नए घर बनेंगे. इसका ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ेगा क्योंकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका इफ़ेक्ट पड़ेगा. इस नए बजट प्रस्ताव को लागू करने की प्रक्रिया नए वित्तीय साल में शुरू होगी.



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"प्रोग्रेसिव,डायनेमिक और आउटस्टैंडिंग बजट": NITI आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत

अंतरिम बजट के मुद्दे पर एनडीटीवी से बात करते हुए अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने कहा कि इस सरकार ने बड़े ही विश्वास के साथ यह बजट पेश किया है. क्योंकि इस सरकार ने जमीन पर कई काम कर चुकी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने घर बनाया, लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया, सड़क बनाया. अमिताभ कांत ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात जो इस बजट में देखने को मिली वो यह है कि  फिस्कल डेफिसिट सरकार ने बहुत कम दिखाया है. इससे कहीं न कहीं इनवेस्टमेंट में बढ़ोतरी हो सकती है.

वूमेन लीड डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस

नीती आयोग के पूर्व सीईओ ने कहा कि रिसर्च के लिए एक लाख करोड़ के कोष को लाना एक बहुत ही अच्छा फैसला है. इससे प्राइवेट सेक्टर काफी आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि हर सेक्टर में महिलाओं को आगे लाया जाए. यह एक अच्छी पहल है. 50 प्रतिशत आबादी जब किसी भी सेक्टर में नेतृत्व करेंगी तो देश में बड़ा बदलाव आएगा.  वूमेन लीड डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस रहा है. 

नीती आयोग के पूर्व सीईओ ने बजट को बेहतर बताते हुए कहा कि यह बजट प्रोग्रेसिव,डायनेमिक और आउटस्टैंडिंग है. अंतरिम बजट होने के बाद भी इसमें कई अच्छी योजनाओं की शुरुआत है. 

यह चुनावी बजट नहीं: अनुराग ठाकुर

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एनडीटीवी के साथ एक विशेष इंटरव्यू में बताया कि आज संसद में पेश किया गया केंद्रीय बजट आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किया गया है.  उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 10 वर्षों के कार्यों के आधार पर होगा. यह विकसित भारत के आधार को मजबूत करने वाला और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने वाला बजट है. उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड इसे लगातार तीसरी बार जीतने के लिए पर्याप्त होगा. 



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