Monday, 2 October 2023

विधानसभा चुनाव: AAP ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए जारी की उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, यहां जानें डिटेल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Assembly Elections 2023) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Assembly Elections 2023) में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सोमवार को उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए जारी दूसरी लिस्ट में 12 प्रत्याशियों का नाम है. जबकि, आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 29 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है.

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से डॉ. उज्जवला कराड़े को टिकट दिया गया है. कोटा से पंकज जेम्स उम्मीदवार बनाए गए हैं. रायपुर वेस्ट से नंदन सिंह, जबकि रायपुर ग्रामीण से तरुण वैध को चुनावी मैदान में उतारा जा रहा है. आप ने इससे पहले 8 सितंबर को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी.

छत्तीसगढ़ के लिए AAP की दूसरी लिस्ट में ये हैं उम्मीदवार:-
प्रतापपुर- राजा राम श्याम
सारंगढ़- देव प्रशाद कोशले
खरसिया-विजय जयसवाल
कोटा-पंकज जेम्स
बिल्हा-जसबीर सिंह
बिलासपुर- डॉ. उज्ज्वला कराड़े
मस्तूरी- धरम दास भार्गव
रायपुर ग्रामीण-तरूण वैध
रायपुर पश्चिम- नंदन सिंह
अंतागढ़-संतराम सलाम
केशकाल- जुगलकिशोर बोध
चित्रकोट- बोमाडा राम मंडावी

8 सितंबर को जारी हुई थी पहली लिस्ट
आम आदमी पार्टी ने 8 सितंबर को छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी. इसमें 10 प्रत्याशियों के नाम थे. पहली लिस्ट में जिन 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं, उसमें पिछले विधानसभा चुनाव में 9 सीटों पर कांग्रेस और 1 सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी. छत्तीसगढ़ में बीजेपी के बाद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट आई है. राज्य में सत्ता पर आसीन कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की कोई लिस्ट जारी नहीं की है.

छत्तीसगढ़ में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपनी किस्मत आजमा रही है. दिल्ली और पंजाब के बाद अब दूसरे राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने पर पार्टी की नजर है. आप अब तक 22 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है. राज्य में 90 विधानसभा सीटें हैं.


बीजेपी ने जारी की प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट
सोमवार देर शाम बीजेपी ने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की. बीजेपी के प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट में 39 नाम हैं. गौर करने वाली बात यह है कि 39 प्रत्याशियों में तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ 7 मौजूदा सांसदों के भी नाम हैं. 

बीजेपी ने मध्य प्रदेश के चुनाव में इन दिग्गजों को उतारा
बीजेपी ने मध्य प्रदेश के चुनाव में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दिमनी, फगन सिंह कुलस्ते को निवास और प्रल्हाद पटेल को नरसिंहपुर से उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-एक से उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा सांसदों पर भी पार्टी ने दांव लगाया है. सांसद रीती पाठक को सीधी, राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम, उदय प्रताप सिंह को गाडरवारा और गणेश सिंह को सतना से उम्मीदवार बनाया गया है.

BSP ने जारी की दूसरी लिस्ट
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर यूपी की पूर्व सीएम मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है. बीएसपी की दूसरी लिस्ट में 9 प्रत्याशियों के नाम हैं. इससे पहले 10 अगस्त को बीएसपी ने 7 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए थे. दोनों लिस्ट मिलाकर बीएसपी ने 16 उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं. 

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Sunday, 1 October 2023

अलीगढ़ में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर पड़ोसियों ने पिता को जमकर पीटा, मौत

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जवां थाना इलाके में बेटी के छेड़छाड़ का विरोध करने पर आरोपियों ने पिता की कथित रूप से जमकर पिटाई कर दी, जिससे रविवार को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस के अनुसार शनिवार को थाना जवां अंतर्गत ग्राम रथगवां में सलीम नामक एक व्यक्ति पर उसके पड़ोसियों ने तब हमला कर दिया था, जब उसने अपनी बेटी से छेड़छाड़ का विरोध किया. उन्होंने बताया कि रविवार को उसकी चोटों के कारण मौत हो गई. 

पुलिस के अनुसार, पीड़ित सलीम की बेटी अपने घर की छत पर झाड़ू लगा रही थी जब उसे लगा कि पड़ोस के कुछ लोग उसकी तस्वीर ले रहे और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं. 

उन्होंने बताया कि उसने तुरंत अपने पिता को सूचित किया और उन्होंने मामले को देखने के लिए अपने बेटे को पड़ोसी के घर भेजा. 

उन्होंने कहा कि माफी मांगने के बजाय लाठी-डंडों से लैस गुंडे पीड़ित के घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों को पीटना शुरू कर दिया, पीड़ित को जमकर पीटा गया.

अधिकारी ने बताया कि घायलों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां रविवार को उसने दम तोड़ दिया. मृतक के परिजनों ने पड़ोसी शाहनवाज एवं दो अन्य पर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है. 

पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) संजय कुमार जयसवाल ने बताया कि शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दो की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

उन्होंने कहा कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. 

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनना चाहिए और मेरठ राजधानी बने: केन्‍द्रीय मंत्री संजीव बालियान

पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh) को अलग राज्‍य बनाने की मांग का समर्थन करते हुए केन्‍द्रीय राज्‍य मंत्री संजीव बालियान (Sanjeev Balyan) ने रविवार को कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनना चाहिए और मेरठ को इस नए प्रदेश की राजधानी बनाया जाना चाहिये. अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद को यहां संबोधित करते हुए बालियान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अलग राज्य बनना चाहिए और मेरठ इस नए प्रदेश की राजधानी बने. उन्होंने कहा कि यहां की आबादी आठ करोड़ है और उच्‍च न्‍यायालय यहां से 750 किलोमीटर दूर हैं, ऐसे में यह मांग पूरी तरह जायज है.

जाट सांसद में पश्चिमी उप्र अलग राज्य बनाने का मुद्दा उठा. इसके अलावा जाट संसद में केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण, बेगम पुल रैपिड स्टेशन का नाम चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने की मांग की गई.

इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, सर छोटू राम और राजा महेंद्र सिंह को भारत रत्न दिए जाने तथा देश के नए संसद भवन में महाराजा सूरजमल का स्मारक लगाये जाने आदि की मांग भी की गई.

इस संसद में सभी पार्टियों के जाट समाज के जन प्रतिनिधि शामिल हुए. जिसमें सामाजिक, राजनीति व वर्तमान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए.

अपने संबोधन में बालियान ने जाटों को राष्टवादी कौम बताते हुए कहा, ‘‘इसका कोई तोड़ नहीं है, लेकिन राजनीति में सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है, सबके बिना तो कोई गांव में प्रधान भी नहीं बन सकता.‘‘

जाट आरक्षण पर बालियान ने कहा, ‘‘ये कहना गलत है कि अदालत में सरकार की लचर पैरवी से आरक्षण खत्म हुआ. सरकार ने पूरी मजबूती से पक्ष रखा. आगे जो भी आरक्षण की बात करेगा मैं उसके पीछे रहूंगा.‘‘ 

जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा आरक्षण की मांग पूरा करने के लिए राजनेताओं का सहारा लेना होगा.

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने जाट समाज से देश को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में योगदान करने की अपील की. अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानिया ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद में विदेशों से आए जाट समाज के लोग पहुंचे हैं.

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कुछ भाजपा सांसदों ने मेरे खिलाफ झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की लेकिन बुरी तरह विफल रहे: दानिश अली

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद दानिश अली ने रविवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य रमेश बिधूड़ी द्वारा सदन में उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद निशिकांत दुबे जैसे कुछ भाजपा सांसद उनके खिलाफ झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. अली ने अपने संसदीय क्षेत्र अमरोहा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘...लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे हैं क्योंकि सच तो सच होता है.'' उन्होंने युवाओं से विरोध न करने, धैर्य रखने और नफरत का प्यार से मुकाबला करने की अपील की.

पिछले महीने, चंद्रयान-3 की सफलता पर लोकसभा में चर्चा के दौरान बिधूड़ी की टिप्पणियों के लिए विपक्षी दलों ने उन्हें निलंबित करने सहित सख्त कार्रवाई की मांग की है. विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए यह भी आरोप लगा रहे हैं कि वह अपने सांसद को दंडित करने के बजाय उसका बचाव करने की कोशिश कर रही है. यह मुद्दा अब सदन की विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया है.

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दानिश अली के बयानों की जांच के लिए एक जांच समिति बनाने का आग्रह किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बसपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ‘‘बेहद आपत्तिजनक'' टिप्पणी की जिससे बिधूड़ी भड़क गए.

हालांकि, दुबे ने बिधूड़ी की टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि कोई भी सभ्य समाज उन्हें उचित नहीं ठहरा सकता और उनकी जितनी निंदा की जाये, कम है.

भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला और हरनाथ सिंह यादव ने भी रविवार को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में अली के आचरण पर सवाल उठाया और इसकी जांच की मांग की.



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कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों के विरोध का किया समर्थन

नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के विरोध का समर्थन किया और दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित महारैली में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाती है कि भाजपा सरकार के दिन अब गिनती के रह गये हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना(ओपीएस) को लेकर ये विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ सरकारी अधिकारियों के गुस्से को दर्शाते हैं.

रामलीला मैदान में यह रैली ‘ज्वाइंट फोरम फॉर रिस्टोरेशन ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम' (जेएफआरओपीएस) और ‘नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन' (एनजेसीए) के बैनर तले आयोजित की गई थी. आयोजकों का दावा है कि इसमें 20 राज्यों के सरकारी कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं.

वेणुगोपाल ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमने कांग्रेस शासित राज्यों में ओपीएस लागू किया क्योंकि यह उनका अधिकार है. 20 लाख लोगों की यह भीड़ एक कहानी बयां करती है - भाजपा के दिन अब गिनती के रह गए हैं.'' कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रामलीला मैदान का दौरा किया और आंदोलनकारी कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया. उन्होंने वादा किया कि अगर हरियाणा में कांग्रेस सत्ता में आई तो राज्य में पुरानी पेंशन योजना बहाल करेगी.

हुड्डा ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘आज हमने दिल्ली के रामलीला मैदान में जाकर ‘नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम' (एनएमओपीएस) से जुड़े कर्मचारी संगठनों की पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की जायज मांग का पूर्ण समर्थन किया. सरकार को तुरंत कर्मचारियों की मांगें मानकर ओपीएस लागू करना चाहिए.'' दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है और इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है.

केजरीवाल ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हम ओपीएस फिर से बहाल करने की सरकारी कार्मचारियों की मांग का मजबूती से समर्थन करते हैं. नयी पेंशन योजना (एनपीएस) कर्मचारियों के प्रति अन्याय है. हमने पंजाब में ओपीएस लागू किया है और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने के लिए केंद्र को लिखा है. कुछ अन्य गैर-भाजपा सरकारों ने भी ओपीएस लागू किया है.''

ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक और महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘‘कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उन्हें पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है और नयी पेंशन योजना के लिए बाध्य किया गया है.''

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का समर्थन किया और कहा, ‘‘ऐतिहासिक! दिल्ली का रामलीला मैदान निजीकरण और एनपीएस विरोधी नारों से गूंज उठा, इस बार ‘जुमला सरकार नहीं चलेगी'.''



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दुर्लभ प्रजाति के 955 कछुए छापेमारी में बरामद, 6 तस्कर को भी पुलिस ने दबोचा

नई दिल्ली: राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नागपुर, भोपाल और चेन्नई में गंगा में रहने वाले विभिन्न प्रजातियों के कछुओं के 955 जीवित बच्चों के साथ 6 लोगों को पकड़ा है. डीआरआई के अधिकारियों ने देश में विभिन्न स्थानों पर अपराधियों को एक साथ पकड़ने और कछुओं को बचाने के लिए एक जटिल और अखिल भारतीय योजना तैयार किया है.

गंगा में रहने वाले कछुओं' जिनमें से कुछ को आईयूसीएन की रेड लिस्ट और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची के तहत खतरे में/ करीब संकटग्रस्त प्रजातियों के रूप में निर्दिष्ट किया गया है. साथ ही अवैध तस्करी और व्यापार में शामिल एक सिंडिकेट के बारे में डीआरआई (राजस्व आसूचना निदेशालय) के अधिकारियों द्वारा खुफिया जानकारी जुटाई गई थी. अवैध व्यापार इन प्रजातियों के लिए बड़ा खतरा है.

कछुओं की विभिन्न प्रजातियों के 955 जीवित बच्चों को बरामद किया गया. बचाए गए गंगा के कछुओं की प्रजातियां इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन फ्लैपशेल टर्टल, क्राउन रिवर टर्टल, ब्लैक स्पॉटेड/पॉन्ड टर्टल और ब्राउन रूफ्ड टर्टल हैं. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रारंभिक जब्ती के बाद, अपराधियों और गंगा के कछुओं को आगे की जांच के लिए संबंधित वन विभागों को सौंप दिया गया.

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Saturday, 30 September 2023

देश में इस वर्ष मानसून का मौसम समाप्त, औसत से कम दर्ज की गई बारिश 

नई दिल्ली: दक्षिण पश्चिम मानसून का मौसम शनिवार को समाप्त हो गया. इस मौसम में भारत में ‘औसत से कम' बारिश हुई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी. विभाग ने बताया कि देश में औसत से कम 820 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि किसी अल नीनो वर्ष में बारिश का दीर्घकालिक औसत 868.6 मिलीमीटर (मिमी) रहता है.

विभाग ने कहा कि सकारात्मक कारकों, मुख्य रूप से हिंद महासागर डिपोल (आईओडी) और मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन (एमजेओ) ने अल नीनो स्थितियों के कारण होने वाली बारिश की कमी को कुछ कम किया और ‘‘लगभग सामान्य'' वर्षा हुई.

आईओडी एक महासागर-वायुमंडलीय घटना है जो प्रशांत महासागर में अल नीनो के उतार-चढ़ाव के समान है जबकि एमजेओ भी एक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है जो दुनियाभर में मौसम की गतिविधियों को प्रभावित करती है. वर्ष 2023 से पहले, भारत में लगातार चार वर्षों तक मानसून के मौसम में ‘‘सामान्य'' और ‘‘सामान्य से अधिक'' बारिश दर्ज की गई थी.

विभाग ने बताया कि सकारात्मक कारकों के कारण अल नीनो देश में मानसून की बारिश को बहुत अधिक प्रभावित नहीं कर सका. दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के 96 प्रतिशत से 104 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य माना जाता है. भारतीय मानसून विभिन्न प्राकृतिक कारकों के कारण समय के साथ होने वाले अंतर्निहित उतार-चढ़ाव और बदलावों को संदर्भित करता है.

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अल नीनो के प्रभाव का मुकाबला करने वाले सकारात्मक कारकों के साथ, 2023 का मानसून 94.4 प्रतिशत बारिश दर्ज करने के साथ समाप्त हुआ, जिसे ‘‘सामान्य के करीब'' माना जाता है. पूरे देश में मासिक बारिश जून में एलपीए का 91 प्रतिशत, जुलाई में 113 प्रतिशत, अगस्त में 64 प्रतिशत और सितंबर में 113 प्रतिशत रही.

महापात्र ने कहा, ‘‘मौसम संबंधी 36 उपविभागों में से तीन (कुल क्षेत्रफल का नौ प्रतिशत) में अधिक बारिश हुई, 26 में सामान्य बारिश हुई (कुल क्षेत्रफल का 73 प्रतिशत) और सात में कम बारिश हुई. कम बारिश वाले सात उपखंडों में नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल शामिल हैं.''

मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य 1,367.3 मिमी की तुलना में 1,115 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 18 प्रतिशत कम है. उसने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत में दीर्घकालिक औसत 587.6 मिमी के मुकाबले 593 मिमी बारिश दर्ज की गई. मध्य भारत में सामान्य बारिश 978 मिमी के मुकाबले 981.7 मिमी दर्ज की गई.

महापात्र ने दो कारकों पर प्रकाश डाला - हिंद महासागर डिपोल और मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन - जिसने इस साल के मानसून मौसम को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया. उन्होंने एमजेओ को भारत में मानसून के मौसम पर अल नीनो के प्रभाव का मुकाबला करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया.

इस साल, भारत में जून में नौ प्रतिशत बारिश की कमी हुई, लेकिन उत्तर पश्चिम भारत में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और एमजेओ के अनुकूल चरण के कारण जुलाई में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. अल नीनो की स्थिति भारत में कमजोर मानसूनी हवाओं और शुष्क परिस्थितियों से जुड़ी है.

छत्तीस प्रतिशत बारिश की कमी के साथ अगस्त 2023, 1901 के बाद से सबसे शुष्क महीना और भारत में अब तक का सबसे गर्म महीना दर्ज किया गया था, जिसका कारण अल नीनो की स्थिति को मजबूत करना है. कई निम्न दबाव प्रणालियों और एमजेओ के सकारात्मक चरण के कारण सितंबर में अधिक बारिश हुई थी.



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