Wednesday, 2 August 2023

19 साल की लड़की को किडनैप कर 14 साल तक बनाए रखा सेक्स स्लेव, आरोपी की मां ने बचाया

एक शख्स ने एक महिला का अपहरण किया और उसे 14 साल तक अपने घर में सेक्स स्लेव बनाकर रखा. इस दौरान कालकोठरी में शख्स ने उस महिला के साथ कथित तौर पर कम से कम 1000 बार रेप किया. उसे शारीरिक और मानसिक यातनाएं भी दीं. मामला पश्चिमी रूस के चेल्याबिंस्क का है. शख्स मानसिक तौर पर बीमार बताया जा रहा है, फिलहाल अस्पताल में भर्ती है.

'आउटलेट' की रिपोर्ट में शख्स की कालकोठरी से भागी महिला ने 14 साल की यातनाओं की कहानी सुनाई है. महिला ने दावा किया कि ये घटना 2009 में शुरू हुई, जब रूस में एक सनकी ने उसका अपहरण कर लिया. अब महिला 33 साल की हो चुकी है. किडनैपर व्लादिमीर चेस्किडोव पर एक अन्य महिला की हत्या का भी आरोप है. उस पर हत्या, रेप और अपहरण के मामले दर्ज हैं. 

आरोपी की मां ने भागने में की मदद
लोकल रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की मां ने ही महिला को भागने में मदद की थी. महिला ने दावा किया कि चेस्किडोव ने कालकोठरी में ओक्साना नाम की एक अन्य महिला की हत्या के बाद उसके टुकड़े कर दिए थे. जांचकर्ताओं को कालकोठरी में मानव शरीर के कुछ हिस्से भी मिले. लोकल रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी चेस्किडोव की मां वेलेंटीना उसी घर में रहती थी. कहा जाता है कि उसे इन अपहरणों के बारे में पता था.

चाकू की नोक पर कराता था सारे काम
पीड़ित महिला पुलिस को बताया कि उसे चाकू की नोक पर घर के काम करने के लिए बेडरूम से बाहर जाने की इजाजत दी गई थी. अपनी रिपोर्ट में कहा, उसने यह भी दावा किया कि छोटी-छोटी बातों पर उसे बार-बार प्रताड़ित किया गया. बेरहमी से पीटा गया. शारीरिक यातनाएं दी गई.

'रूस टुडे' ने जांच अधिकारियों का हवाला देते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि चेस्किडोव ने 2009 में 19 साल की एकातेरिना से मुलाकात की. उसे घर में ड्रिंक के लिए बुलाया. फिर यह सब वहीं से शुरू हो गया. चेस्किडोव ने कथित तौर पर उसे चाकू से धमकाया. उसके हाथ-पैर बांधे और कमरे में लॉक कर दिया. जान की धमकी देकर आरोपी पीड़िता से घर का काम कराने लगा. 

सेक्स टॉय से करता था टॉर्चर 
महिला ने यह भी कहा कि कैद के दौरान उसे बार-बार यौन शोषण का शिकार होना पड़ा. जिस कमरे में महिला को रखा गया था उसमें लैपटॉप और अश्लील फिल्म वाली डिस्क के साथ-साथ टॉर्चर सेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए सेक्स टॉय भी रखे थे.

मानसिक रूप से बीमार है आरोपी
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मानसिक तौर पर बीमार भी है, उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इसी दौरान पीड़ित महिला को भागने का मौका मिल गया. जांच कमेटी और फोरेंसिक एक्सपर्ट घटनास्थल पर काम कर रहे हैं. लोकल रिपोर्ट के मुताबिक उनके पिता की मौत की भी जांच चल रही है. 


 



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BJP-JJP में तालमेल की कमी? नूंह हिंसा पर अलग-अलग दिखे CM खट्टर और डिप्टी CM दुष्यंत के सुर

हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा (Nuh Violence) में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है. 'बृज मंडल जलाभिषेक' यात्रा के दौरान भड़की हिंसा, पथराव, आगजनी और गोलीबारी को लेकर पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. हिंसा के पीछे कौन जिम्मेदार है, इसको लेकर सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) और उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) के बीच ही तालमेल की कमी दिख रही है. सीएम खट्टर जहां नूंह हिंसा को बड़ी साजिश बता रहे हैं. वहीं, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा आयोजकों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है. बता दें कि इस शोभायात्रा का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने किया था.

हरियाणा में बीजेपी और जननायक जनता पार्टी (JJP) की गठबंधन सरकार है. जेजेपी के नेता नूंह हिंसा को लेकर अलग बयान दे रहे हैं. सबसे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नूंह हिंसा में किसी बड़े षड्यंत्र का अंदेशा जताते हुए कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा. शीर्ष अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में एक बैठक करने के बाद खट्टर ने कहा था कि पूरी घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है. 

सीएम खट्टर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के उस दावे से भी असहमत नजर आए, जिसमें चौटाला ने कहा है कि नूंह में धार्मिक शोभायात्रा के आयोजकों ने जिला प्रशासन को संभावित भीड़ की सही जानकारी नहीं दी थी. चौटाला के दावे के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है.

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ‘‘जब शोभायात्रा की सूचना मिली, तो एक दिन पहले डिप्टी कमिश्नर ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की. प्रशासन को आश्वासन दिया गया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा. लेकिन, अचानक घटनाएं हुईं, जिसकी जांच की जा रही है.''

दुष्यंत चौटाला ने क्या कहा था?
नूंह में हुई हिंसा का ठीकरा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यात्रा के आयोजकों पर फोड़ा है. दुष्यंत चौटाला ने कहा, "यात्रा के आयोजकों ने प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं दी थी, जिसकी कमी के कारण यह हिंसा हुई है." उन्होंने कहा कि यात्रा में भीड़ की सही जानकारी न होने के कारण ही नूंह में हालात बिगड़े हैं. यात्रा के आयोजकों ने भीड़ जुटने को लेकर सही इनपुट स्थानीय प्रशासन को नहीं दिया था.

खट्टर ने केंद्रीय बलों की चार कंपनियां मांगी
इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर बुधवार को केंद्रीय बलों की चार और कंपनी मांगी. खट्टर ने कहा कि आईआरबी (इंडियन रिजर्व बटालियन) की एक बटालियन भी नूंह में तैनात की जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्रीय बलों की 20 कंपनी पहले से ही हरियाणा में तैनात हैं, जिनमें से 14 नूंह में, तीन पलवल में, दो गुरुग्राम में और एक फरीदाबाद में तैनात है.

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद की शोभायात्रा को रोकने की कोशिश को लेकर नूंह में भड़की हिंसा-जो पिछले दो दिनों में गुरुग्राम तक फैल गई. हिंसा में दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित 6 लोगों की मौत हो गई है. शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

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हरियाणा हिंसा : केंद्रीय बलों की 20 कंपनी तैनात, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र से चार और कंपनी मांगी

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में सांप्रदायिक हिंसा के मद्देनजर बुधवार को केंद्रीय बलों की चार और कंपनी मांगी तथा कहा कि आईआरबी (इंडियन रिजर्व बटालियन) की एक बटालियन भी नूंह में तैनात की जाएगी. खट्टर  उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के उस दावे से भी असहमत नजर आए, जिसमें चौटाला ने कहा है कि नूंह में धार्मिक शोभायात्रा के आयोजकों ने जिला प्रशासन को संभावित भीड़ की सही जानकारी नहीं दी थी. चौटाला के दावे के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘जब शोभायात्रा की सूचना मिली तो एक दिन पहले उपायुक्त ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की. प्रशासन को आश्वासन दिया गया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा. लेकिन, अचानक घटनाएं हुईं, जिसकी जांच की जा रही है.'' जननायक जनता पार्टी (जजपा) नेता चौटाला ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘‘...आयोजकों ने जिला प्रशासन को जुलूस में जुटने वाली संभावित भीड़ की सही जानकारी नहीं दी थी. ऐसा प्रतीत होता है कि इस सूचना की कमी या अन्य कारण से हिंसा की स्थिति उत्पन्न हुई.'' हालांकि, अपने गठबंधन सहयोगी के दावे से असहमति जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है.''

हाल के महीनों में दोनों सहयोगियों के बीच मतभेद के संकेत मिले हैं. मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बलों की 20 कंपनी पहले से ही हरियाणा में तैनात हैं, जिनमें से 14 नूंह में, तीन पलवल में, दो गुरुग्राम में और एक फरीदाबाद में तैनात है. विश्व हिंदू परिषद की शोभायात्रा को रोकने की कोशिश को लेकर नूंह में भड़की हिंसा-जो पिछले दो दिनों में गुरुग्राम तक फैल गई- में दो होम गार्ड और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई है. शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

खट्टर ने कहा कि नूंह में सोमवार को हुई हिंसा के बाद से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 90 लोगों को हिरासत में लिया गया है. खट्टर ने कहा कि नूंह में गोरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा, ‘‘वहां (गाय की) तस्करी और गोहत्या होती है.'' उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस के प्रवर्तन ब्यूरो के 100 जवानों को गायों की रक्षा के लिए तैनात किया जाएगा. खट्टर ने मुस्लिम समुदाय के युवाओं से भी गोरक्षा के लिए आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कई मुस्लिम हैं जो गोरक्षा के लिए आवाज उठाते हैं और इसके लिए काम करते हैं.''

संपत्ति को नुकसान पहुंचने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस किसी ने भी सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उसे इसकी भरपाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पहले ही इस संबंध में एक कानून बनाया है. मोनू मानेसर के बारे में पूछे जाने पर खट्टर ने कहा कि उस पर राजस्थान पुलिस ने मामला दर्ज किया है. खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार मोनू मानेसर को पकड़ने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी. गोरक्षक मोनू मानेसर के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने दो मुस्लिम युवकों की हत्या के सिलसिले में मामला दर्ज किया था, जिनके झुलसे हुए शव फरवरी में हरियाणा के भिवानी जिले में पाए गए थे. खट्टर ने कहा, ‘‘राजस्थान पुलिस मोनू मानेसर की तलाश कर रही है. हमारे पास कोई जानकारी नहीं है कि वह अब कहां है. राजस्थान पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.''

मोनू मानेसर ने वीडियो जारी कर नूंह में बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने की बात कही थी. एक सवाल पर खट्टर ने कहा कि नूंह की घटना के दिन मोनू मानेसर की मौजूदगी का कोई मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा कि कई अफवाहें भी फैलाई जाती हैं जिससे माहौल खराब होता है. खट्टर ने कहा कि पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए ‘मोबाइल डंप डेटा' की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है. केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि किसी धार्मिक यात्रा में भाग लेने वालों के लिए तलवारें और लाठियां ले जाना सही नहीं है.

सिंह की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे जानकारी नहीं है कि उन्होंने किस आधार पर ऐसा बयान दिया है.'' बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद ने दंगे के वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि दोनों समुदायों (हिंदू और मुस्लिम) के पास हथियार थे. खट्टर ने कहा कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और नफरत फैलाने वाले भाषण देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कुछ लोगों द्वारा नूंह से पलायन करने का विचार किए जाने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी से वहां शांति से रहने और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हैं.''

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Tuesday, 1 August 2023

राजीव गांधी की ‘मिस्टर क्लीन’ की छवि थी और PM मोदी को भी वही सम्मान हासिल हुआ : अजित पवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मंगलवार को कहा कि दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी को ‘मिस्टर क्लीन' के तौर पर जाना जाता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी वही सम्मान प्राप्त है. पिछले महीने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-शिवसेना सरकार में शामिल होने वाले अजित पवार यहां एक समारोह में शिरकत करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. इस समारोह में मोदी ने लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया.

अजित ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी का काफिला वहां से गुजर रहा था तो सड़क के दोनों ओर खड़े पुणे के लोगों ने उनका स्वागत किया. 

राकांपा के विरोधी गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन करने और काले झंड़े दिखाए जाने के सवाल पर पवार ने कहा, ''मैं और देवेंद्र जी (उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस) काफिले में एक ही गाड़ी में बैठे थे. हमने समारोह स्थल तक प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान एक भी काला झंडा नहीं देखा और तो और हमने देखा कि सड़क के दोनों ओर खड़े लोग उनका स्वागत और अभिवादन कर रहे थे.''

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ''क्या कोई प्रधानमंत्री कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से देश में इतने अच्छे माहौल के बारे में सोच सकता है. मणिपुर में जो भी कुछ हुआ उसका कोई समर्थन नहीं करता. प्रधानमंत्री ने मुद्दे पर संज्ञान लिया. भारत के मुख्य न्यायाधीश ने भी संज्ञान लिया. वहां जो कुछ भी हुआ उसकी सभी ने निंदा की.''

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AAP के दिल्‍ली संगठन में नई नियुक्तियां, पहली बार थर्ड जेंडर विंग बनाया 

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली संगठन के लिए की नई नियुक्तियां की हैं. पार्टी ने दिल्ली में पहली बार थर्ड जेंडर विंग बनाया है. दिल्ली के सुल्तानपुरी से पार्षद बॉबी किन्नर को थर्ड जेंडर विंग का स्‍टेट प्रेसिडेंट बनाया गया है. पार्टी ने दिल्ली प्रदेश के लिए विभिन्न विंग के स्टेट प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट और स्टेट सेक्रेटरी नियुक्त किए हैं. मंगलवार देर रात पार्टी ने नव नियुक्‍त पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी पोस्‍ट किया. 

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली प्रदेश के लिए 6 स्टेट ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाये हैं. साथ ही 14 जिलों में 5-5 डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी भी नियुक्‍त किए गए हैं. इस तरह से दिल्ली के लिए पार्टी ने कुल 70 डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी बनाए हैं.

पार्टी के दिल्‍ली संगठन में रिठाला से विधायक महेंद्र गोयल को ट्रेड विंग का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं मॉडल टाउन विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को पूर्वांचल विंग का अध्यक्ष बनाया गया है. साथ ही पंकज गुप्ता यूथ विंग और दरियागंज की पार्षद सारिका चौधरी महिला विंग की स्‍टेट प्रेसिडेंट होंगी. 

इसी के साथ पार्टी ने दिल्‍ली में संजीव नसियर को लीगल विंग का अध्यक्ष और दिनेश भारद्वाज को स्पोर्ट्स विंग का अध्यक्ष बनाया है. इसके साथ ही पार्टी ने डॉ. निम्मी रस्तोगी को डॉक्टर विंग का अध्यक्ष और हैदर अली को ऑटो विंग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्‍त किया है. 

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नंदिनी दूध पर कर्नाटक की राजनीति में फिर से 'उबाल', अब दिया गया धार्मिक रंग

कर्नाटक में नंदिनी दूध के जिस मुद्दे पर कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को घेरा था और अमूल ब्रांड के प्रदेश में लाने से स्थानीय नंदिनी डेयरी ब्रांड को खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया था, बीजेपी अब उसी मुद्दे पर कांग्रेस पर हमलावार है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने कांग्रेस पर हिंदू मान्यताओं और भक्ति के प्रति उदासीनता के कारण तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को नंदिनी घी की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया है. टीटीडी विश्व प्रसिद्ध तिरूपति लड्डू बनाने के लिए घी का टेंडर जारी करता है, जो भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है.

पार्टी नेता सीटी रवि ने यह भी दावा किया है कि राज्य सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाकर कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ), जो इस ब्रांड का मालिक है, उसको बोली की प्रक्रिया से दूर कर दिया है.

हालांकि, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि टीटीडी को नंदिनी घी की आपूर्ति पिछले डेढ़ साल से नहीं हुई है और कतील से पूछा कि क्या भाजपा, जो उस समय सत्ता में थी, 'हिन्दू भक्ति विरोधी' है.

मुख्यमंत्री के दावे की पुष्टि केएमएफ के अधिकारियों ने भी की. उन्होंने कहा कि आखिरी बार आंध्र प्रदेश में मंदिर को नंदिनी घी की आपूर्ति 2021 में की गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि आखिरी निविदा प्रक्रिया इस साल मार्च में हुई थी, जब बीजेपी सरकार सत्ता में थी.

एक ट्वीट में, कतील ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया था और कांग्रेस सरकार पर तिरुपति लड्डू के लिए केएमएफ से घी की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया था.

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ट्वीट में कहा गया, "मंदिर और हिंदू मान्यताओं और भक्ति के प्रति कर्नाटक कांग्रेस की उदासीनता की नीति के कारण तिरूपति के लड्डुओं के लिए नंदिनी घी की आपूर्ति बंद कर दी गई है. तिरूपति के साथ 50 साल की विरासत खत्म हो गई है और यह सिद्धारमैया की हिंदुओं के प्रति उदासीनता की नीति को साबित करता है."

पिछले हफ्ते, कर्नाटक कैबिनेट ने केएमएफ को 1 अगस्त से नंदिनी दूध की कीमत ₹3 प्रति लीटर बढ़ाने की अनुमति दी थी. भाजपा नेता सीटी रवि ने कहा कि इससे नंदिनी के लिए टीटीडी को पहले की कीमत पर दूध की आपूर्ति करना असंभव हो गया.

रवि ने ट्वीट किया, "कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के दौरान नंदिनी मुद्दे का बेशर्मी से राजनीतिकरण किया और अमूल को बदनाम करने के लिए इसका इस्तेमाल किया. अक्षम कांग्रेस सरकार को धन्यवाद, नंदिनी अब प्रसिद्ध तिरूपति लड्डू तैयार करने के लिए घी की आपूर्ति नहीं करेगी. यह बहुत स्पष्ट है कि कांग्रेस इसे नष्ट करने पर तुली हुई है."

वहीं बीजेपी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ''आंध्र प्रदेश के तिरूपति को नंदिनी घी की आपूर्ति आज या कल नहीं रोकी गई है. तिरूपति को घी की आपूर्ति डेढ़ साल पहले निलंबित कर दी गई थी. जब बीजेपी की सरका थी.''

सिद्धारमैया ने पूछा, "माननीय सांसद @nalinkateel, अब मुझे बताएं, क्या पिछली भाजपा सरकार हिंदू धार्मिक मान्यताओं और भक्ति के खिलाफ थी? या केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री @BSBommai (बसवराज बोम्मई) हिंदू विरोधी थे."

उन्होंने कहा, "लोगों की धार्मिक आस्था के साथ-साथ डेयरी किसानों का जीवन भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है. इसलिए, यदि राज्य के किसानों के हित में, अगर तिरूपति मंदिर हमारे द्वारा मांगी गई कीमत देने के लिए सहमत हो जाता है, तो हमें घी की आपूर्ति करने में कोई समस्या नहीं है."

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केएमएफ के अध्यक्ष भीमा नायक ने कहा कि नंदिनी ब्रांड अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है और कीमत पर कोई समझौता नहीं कर सकता. इसीलिए संगठन ने निविदा प्रक्रिया से बाहर रहने का विकल्प चुना है.

केएमएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि निविदा प्रक्रिया हर छह महीने में होती है और आखिरी बार इस साल मार्च में आयोजित की गई थी. उन्होंने कहा कि अगस्त में मूल्य वृद्धि से मार्च में निविदा प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

अधिकारियों ने कहा कि केएमएफ ने 2005 में टीटीडी को नंदिनी घी की आपूर्ति शुरू की थी और आखिरी बार इसकी बोली आंशिक रूप से 2021 में सफल रही थी, जब बातचीत के बाद इसे आपूर्ति अनुबंध का 35% हिस्सा मिला था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "2022 में बोली लगाई गई थी, लेकिन यह सफल नहीं रही. हमने 2023 में बोली नहीं लगाई."

टीटीडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, धर्मा रेड्डी ने कहा कि केएमएफ ने मार्च 2023 में पिछली नीलामी में भाग नहीं लिया था. उन्होंने यह भी कहा कि लड्डू के लिए घी सहित सभी वस्तुएं ई-टेंडर के माध्यम से खरीदी जाती हैं और सबसे कम बोली लगाने वाले को अनुबंध दिया जाता है, बशर्ते वे जिन सामग्रियों की आपूर्ति करते हैं वे टीटीडी द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव से एक महीने पहले अप्रैल में, कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने कहा था कि अगर अमूल राज्य के बाजार में प्रवेश करेगा तो नंदिनी ब्रांड खतरे में पड़ जाएगा. पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कर्नाटक को 'लूटने' का आरोप लगाया था.

बीजेपी ने दावा किया था कि कांग्रेस गलत सूचना अभियान चला रही है और दावा किया है कि उसने केएमएफ को मजबूत करने के लिए विपक्षी दल से कहीं अधिक काम किया है.



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नूंह हिंसा: हरियाणा पुलिस ने मृतक होमगार्डों के परिवारों के लिए 57-57 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान

हरियाणा पुलिस ने नूंह में हुई हिंसा में जान गंवाने वाले दो होमगार्ड के परिवारों को 57-57 लाख रुपये का मुआवजा देने की मंगलवार को घोषणा की. हरियाणा में हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो चुकी है. नूंह में दो होमगार्ड सहित चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए, जहां भीड़ ने विश्व हिंदू परिषद के जुलूस को रोकने की कोशिश की थी जबकि गुरुग्राम में एक मस्जिद में एक नायब इमाम की हत्या कर दी गई.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार हिंसा के मद्देनजर गुरुग्राम से नूंह में तैनात किए गए होमगार्ड नीरज और गुरसेव की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. बयान में कहा गया है, “हरियाणा पुलिस दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है. कोई भी राशि किसी प्रियजन को खोने से हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन फिर भी हरियाणा पुलिस की ओर से शोकाकुल परिवारों को 57-57 लाख रुपये और हर प्रकार की मदद प्रदान की जाएगी.”

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