Sunday, 2 April 2023

भारत आज बहुत मजबूत, अपने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं करेगा स्वीकार: जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत अपने राष्‍ट्रीय ध्‍वज को अपमानजनक तरीके से नीचे उतारा जाना बर्दाश्‍त नहीं करेगा. विदेश मंत्री ने लंदन में हुई घटना का जिक्र करते हुए यह कहा. साथ ही विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ‘बहुत दृढ़' होने के साथ ही एक ‘बहुत जिम्मेदार' देश भी है. पिछले महीने लंदन में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने भारतीय उच्‍चायोग पर फहराए गए तिरंगे को गिराकर अलगाववादी खालिस्‍तानी झंडे लहराए थे और खालिस्‍तान के समर्थन में नारेबाजी की गई थी. हालांकि बाद में खालिस्‍तानियों को जवाब देने के लिए भारतीय उच्‍चायोग पर उससे भी बड़ा तिरंगा लगाया गया.

जयशंकर ने कहा, ‘‘आपने पिछले कुछ दिनों में लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सैन फ्रांसिस्को में कुछ घटनाएं देखी हैं. यह अब वह भारत नहीं है जो किसी के द्वारा अपने राष्ट्रीय ध्वज को नीचे उतारा जाना बर्दाश्त कर लेगा.''

उन्होंने एक संवाद सत्र में कहा, ‘‘जब यह घटना हुई, हमारे उच्चायुक्त ने पहले से भी बड़ा राष्ट्रीय ध्वज उस इमारत पर लगा दिया. यह न केवल खालिस्तानियों के लिए, बल्कि ब्रितानियों के लिए भी कड़ा जवाब था. यह इस बात का प्रतीक है कि यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज है और यदि किसी ने इसका अपमान करने की कोशिश की तो हम इससे भी बड़ा राष्ट्रीय ध्वज लगा देंगे.''

उन्होंने कहा, ‘‘आज एक अलग भारत है, एक ऐसा भारत जो बहुत जिम्मेदार है, लेकिन बहुत मजबूत भी है.''

लंदन में हुई घटना के बाद, भारत ने अपने राजनयिक मिशन की सुरक्षा को लेकर ब्रिटिश सरकार के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था और परिसर में पर्याप्त सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाया था. 

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Saturday, 1 April 2023

सिद्धारमैया बोले- "यह मेरा आखिरी चुनाव, कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी"

कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक सिद्धारमैया, जो अपने विधायक पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया के निर्वाचन क्षेत्र वरुणा से अगले महीने विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि वह हारने से नहीं डरते हैं.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह इस साल के चुनाव के बाद अब चुनावी राजनीति में भाग नहीं लेंगे. इससे पहले कि कांग्रेस की पहली सूची में उन्हें मैसूर में वरुणा से उम्मीदवार के रूप में दिखाया गया, सिद्धारमैया एक प्रमुख खनन क्षेत्र, कोलार निर्वाचन क्षेत्र से टिकट पाने की उम्मीद कर रहे थे.

सिद्धारमैया ने एनडीटीवी से कहा, "कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी." उन्होंने कहा, त्रिशंकु विधानसभा का कोई सवाल ही नहीं है. अभी के लिए वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोलार यात्रा से पहले की तैयारियों की देखरेख में व्यस्त हैं, उसी स्थान पर जहां राहुल गांधी ने 2019 के आम चुनाव के दौरान मोदी उपनाम पर एक विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके कारण उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहराया गया. हाल ही में मानहानि के मामले में सजा के बाद.

कर्नाटक कांग्रेस के नेता ने वरुणा से चुनाव लड़ना चुना, क्योंकि वहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, और जब उन्होंने फैसला किया कि वह चुनावी राजनीति छोड़ना चाहते हैं, तो उन्होंने आखिरी बार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र वरुणा को चुना. सिद्धारमैया आमतौर पर दो सीटों से चुनाव लड़ते हैं. उन्होंने महीनों तक कोलार से लड़ने की जमीन तैयार की थी. फरवरी में कर्नाटक कांग्रेस को दिए अपने आवेदन में, सिद्धारमैया ने बदामी, वरुणा और कोलार का उल्लेख तीन निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में किया था, जिसमें से वह चुनेंगे.

बादामी और कोलार कांग्रेस की पहली सूची में शामिल नहीं हैं, क्योंकि सिद्धारमैया पिछली बार की तरह दो सीटों से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे. सूत्रों ने कहा कि यह संभावना नहीं है कि उन्हें कोलार मिलेगा, क्योंकि स्थानीय रिपोर्टों से पता चलता है कि वह वहां से नहीं जीत सकते. कल तक ऐसी भी अटकलें थीं कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र उस सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से सिद्धारमैया चुनाव लड़ेंगे.

येदियुरप्पा ने बाद में अपने बेटे के बारे में अटकलों पर विराम लगा दिया. विजयेंद्र उसी सीट शिकारीपुरा से चुनाव लड़ेंगे, जहां उनके पिता 1983 से सात बार जीते थे. कर्नाटक विधानसभा चुनाव 10 मई को होंगे. वोटों की गिनती तीन दिन बाद होगी.

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"पहले की सरकारें तुष्टिकरण ही करती थीं लेकिन हम...", पीएम मोदी ने MP को दी वंदे भारत ट्रेन की सौगात



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सिद्धारमैया बोले- "यह मेरा आखिरी चुनाव, कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी"

कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक सिद्धारमैया, जो अपने विधायक पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया के निर्वाचन क्षेत्र वरुणा से अगले महीने विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि वह हारने से नहीं डरते हैं.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह इस साल के चुनाव के बाद अब चुनावी राजनीति में भाग नहीं लेंगे. इससे पहले कि कांग्रेस की पहली सूची में उन्हें मैसूर में वरुणा से उम्मीदवार के रूप में दिखाया गया, सिद्धारमैया एक प्रमुख खनन क्षेत्र, कोलार निर्वाचन क्षेत्र से टिकट पाने की उम्मीद कर रहे थे.

सिद्धारमैया ने एनडीटीवी से कहा, "कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी." उन्होंने कहा, त्रिशंकु विधानसभा का कोई सवाल ही नहीं है. अभी के लिए वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कोलार यात्रा से पहले की तैयारियों की देखरेख में व्यस्त हैं, उसी स्थान पर जहां राहुल गांधी ने 2019 के आम चुनाव के दौरान मोदी उपनाम पर एक विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके कारण उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहराया गया. हाल ही में मानहानि के मामले में सजा के बाद.

कर्नाटक कांग्रेस के नेता ने वरुणा से चुनाव लड़ना चुना, क्योंकि वहीं से उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, और जब उन्होंने फैसला किया कि वह चुनावी राजनीति छोड़ना चाहते हैं, तो उन्होंने आखिरी बार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र वरुणा को चुना. सिद्धारमैया आमतौर पर दो सीटों से चुनाव लड़ते हैं. उन्होंने महीनों तक कोलार से लड़ने की जमीन तैयार की थी. फरवरी में कर्नाटक कांग्रेस को दिए अपने आवेदन में, सिद्धारमैया ने बदामी, वरुणा और कोलार का उल्लेख तीन निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में किया था, जिसमें से वह चुनेंगे.

बादामी और कोलार कांग्रेस की पहली सूची में शामिल नहीं हैं, क्योंकि सिद्धारमैया पिछली बार की तरह दो सीटों से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे. सूत्रों ने कहा कि यह संभावना नहीं है कि उन्हें कोलार मिलेगा, क्योंकि स्थानीय रिपोर्टों से पता चलता है कि वह वहां से नहीं जीत सकते. कल तक ऐसी भी अटकलें थीं कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र उस सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से सिद्धारमैया चुनाव लड़ेंगे.

येदियुरप्पा ने बाद में अपने बेटे के बारे में अटकलों पर विराम लगा दिया. विजयेंद्र उसी सीट शिकारीपुरा से चुनाव लड़ेंगे, जहां उनके पिता 1983 से सात बार जीते थे. कर्नाटक विधानसभा चुनाव 10 मई को होंगे. वोटों की गिनती तीन दिन बाद होगी.

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पीएम मोदी ने संयुक्‍त कमांडर सम्‍मेलन में की शिरकत, सशस्‍त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल में संयुक्त कमांडर सम्मेलन 2023 के समापन सत्र के दौरान सशस्त्र बलों की सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. प्रधानमंत्री को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने इस वर्ष के सम्मेलन के दौरान हुई विभिन्न चर्चाओं के बारे में जानकारी दी. इस मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्र निर्माण और मित्र देशों को मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता प्रदान करने में अहम भूमिका निभाने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की. 

पीएम मोदी ने सेना के तीनों अंगों से नए और उभरते खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र बलों को आवश्यक हथियारों और तकनीकों से सुसज्जित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं.  

सत्र के अंतिम दिन डिजिटलीकरण के पहलुओं सहित साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया की चुनौतियां, आत्मनिर्भरता,  अग्निवीरों के समामेलन और संयुक्तता पर चर्चा की गई. इस साल के सम्मेलन के दायरे का विस्तार किया गया, जिसमें भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की हर कमान के सैनिकों की भागीदारी सु‍निश्चित करने के साथ ही कुछ बहु-स्तरीय और इंटरऐक्टिव सत्र आयोजित किए गए, इसमें त्रि-सेवा अंडमान और निकोबार कमान भी शामिल थी. 

देश के संयुक्त शीर्ष स्तर के सैन्य नेतृत्व का यह तीन दिवसीय सम्मेलन 30 मार्च 2023 को शुरू हुआ. इसका विषय 'रेडी, रिसर्जेंट, रिलेवेंट' रखा गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शुक्रवार को इसमें शामिल हुए. उन्‍होंने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत की और रक्षा तैयारियों की समीक्षा की. 

इस साल का सम्मेलन इसलिए भी ख़ास था, जिसमें टीटीपी में बदलाव जैसे मुद्दों और तीनों सेवाओं के बीच अधिक एकीकरण के लिए आगामी उपायों के लिए फील्ड यूनिटों से इनपुट मांगे गए. सैन्य कमांडरों द्वारा इन इनपुट्स पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. 

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पीएम मोदी ने संयुक्‍त कमांडर सम्‍मेलन में की शिरकत, सशस्‍त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल में संयुक्त कमांडर सम्मेलन 2023 के समापन सत्र के दौरान सशस्त्र बलों की सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. प्रधानमंत्री को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने इस वर्ष के सम्मेलन के दौरान हुई विभिन्न चर्चाओं के बारे में जानकारी दी. इस मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्र निर्माण और मित्र देशों को मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सहायता प्रदान करने में अहम भूमिका निभाने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की. 

पीएम मोदी ने सेना के तीनों अंगों से नए और उभरते खतरों से निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र बलों को आवश्यक हथियारों और तकनीकों से सुसज्जित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं.  

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इस साल का सम्मेलन इसलिए भी ख़ास था, जिसमें टीटीपी में बदलाव जैसे मुद्दों और तीनों सेवाओं के बीच अधिक एकीकरण के लिए आगामी उपायों के लिए फील्ड यूनिटों से इनपुट मांगे गए. सैन्य कमांडरों द्वारा इन इनपुट्स पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. 

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पर्यावरण और वन संबंधी कानूनों को कमजोर कर रही मोदी सरकार : कांग्रेस

कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का एजेंडा पर्यावरण और वन संबंधी कानूनों को कमजोर करने का है, क्योंकि वह इन कानूनों को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में नहीं देखती है. मुख्य विपक्षी दल ने ‘प्रोजेक्ट टाइगर' के 50 साल पूरा होने के मौके पर यह दावा भी किया कि मोदी सरकार पर्यावरण, जल और वन संबंधी उपलब्धियों को खत्म कर रही है. ‘प्रोजेक्ट टाइगर' वर्ष 1973 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है. इस परियोजना का मकसद देश के राष्ट्रीय उद्यानों में बाघों को आश्रय प्रदान करना है.

इंदिरा गांधी की प्रेरक विरासत 
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘ ‘प्रोजेक्ट टाइगर' वन्यजीव संरक्षण को लेकर भारत की ठोस प्रतिबद्धता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रेरक विरासत को श्रद्धांजलि है. पांच दशक बीत गए, लेकिन परियोजना की सफलता भारत की पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने और प्रकृति के साथ समन्वय बनाकर रहने के प्रयास से जुड़े हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है.'' उन्होंने कहा कि 2005 में मनमोहन सिंह की सरकार के समय ‘टाइगर टास्क फोर्स' के गठन में यही प्रतिबद्धता दिखी थी.

इंदिरा गांधी जो कहती थीं, वो करती थीं
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ आज हम 'प्रोजेक्ट टाइगर' की 50वीं सालगिरह मना रहे हैं. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल चीतों का संरक्षण ही नहीं था, बल्कि जंगल को भी सुरक्षित रखना था.'' रमेश के मुताबिक, ‘‘इंदिरा गांधी जो कहती थीं, वो करती थीं. वह ‘कैमराजीवी' नहीं थीं. उन्होंने पर्यावरण, जल और वन संरक्षण के लिए जो कदम उठाए तथा उनके समय जो कानून बनाए गए, वो मील का पत्थर साबित हुए.''

उत्तरदायित्व के रूप में नहीं देखते
जयराम रमेश ने दावा किया, ‘‘कुछ महीने पहले वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन लाया गया. हमने उसका विरोध किया, क्योंकि उस संशोधन से हाथियों के व्यापार का रास्ता खुलेगा...कुछ दिन पहले वन संरक्षण संशोधन विधेयक को संयुक्त समिति को भेजा गया, उसे स्थायी समिति को नहीं भेजा गया है क्योंकि मैं इस समिति (पर्यावरण संबंधी) का अध्यक्ष हूं.'' रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘50 साल में वन और वन्यजीवों को बचाने के लिए जो उपलब्धियां हासिल हुई थीं, वो सब आज खतरे में है. कानूनों को कमजोर किया जा रहा है. पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बिगाड़ा जा रहा है.'' कांग्रेस नेता ने यह आरोप भी लगाया, ‘‘इनका (सरकार) एजेंडा यह है कि पर्यावरण और वन कानूनों को कमजोर किया जाए क्योंकि सरकार और नीति आयोग का यह नजरिया है कि ये कानून विनियामक बोझ हैं. वे इन कानूनों को सामाजिक उत्तरदायित्व के रूप में नहीं देखते.''

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Friday, 31 March 2023

'आदिपुरुष' का पोस्टर देख टूट गया प्रभास के फैन्स का दिल, बोले- मत करो सर इसको रिलीज

राम नवमी के मौके पर प्रभास की फिल्म 'आदिपुरुष' का पोस्टर रिलीज कर दिया गया है. इस पोस्टर को रिलीज करने की लंबे समय से तैयारी चल रही थी. लेकिन फैन्स को यह पोस्टर रास नहीं आया है और खासकर प्रभास के फैन्स तो इस पोस्टर को देखकर काफी निराश हुए हैं. फिल्म में राम का किरदार प्रभास निभा रहे हैं जबकि सीता के रोल में कृति सेनन, लक्ष्मण सनी सिंह, रावण के किरदार में सैफ अली खान, हनुमान देवदत्ता नागे और इंद्रजीत वत्सल सेठ बने हैं. फिल्म को ओम राउत ने डायरेक्ट किया है. फिल्म रामायण पर आधारित है और 16 जून को रिलीज होने जा रही है. 

लेकिन ऐसा लगता है कि फिल्म का पोस्टर फैन्स को पसंद नहीं आया है.फैन्स पोस्टर में कई खामियां निकाल रहे हैं और इसे एआई से तैयार किया हुआ बना रहे हैं. एक फैन ने तो प्रभास से गुहार लगाई है कि सर इस फिल्म को रिलीज मत करो. प्रभास के एक फैन ने लिखा है, 'प्रभास के बाहुबली लुक को लंबे बाल के साथ भगवान राम के लुक की कल्पना करो...यह कमाल का होता. इस ओम राउत ने प्रभास की सारी क्षमताओं को ही ग्रहण लगा दिया. इस शख्स की वजह से पहली बार प्रभास ट्रोल हो रहे हैं.'

वहीं एक शख्स ने कमेंट किया है, 'अगर लक्ष्मण की दाढ़ी हो सकती है तो राम दाढ़ी क्यों नहीं रख सकता. ओम राउत प्रभास दाढ़ी के साथ उस लुक में कमाल लगते. तुमने पूरा रायता फैला दिया.'

आदिपुरुष को लेकर एक अन्य कमेंट आया है, 'ऐसा लग रहा है कि पोस्टर पूरी तरह एडिटेड है. बॉडी के ऊपर बाद में चेहरे क्रॉप कर के पेस्ट किए हुए हैं कैनलस में. कृति मैडम के चेहरे पे शैडो हटाना भी भूल गए. बहुत ही खराब एडिटिंग स्किल्स.'



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